जिला जेल में विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

जशपुरनगर 12 अगस्त 2021/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के सचिव श्री अमित जिंदल द्वारा जिला जेल जशपुर में जांच, विजीट तथा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
श्री जिंदल ने उपस्थित बंदियों को बताया कि प्ली बारगेनिग के अनुसार सात साल के दण्ड तक के मामले में उस दशा को छोडकर जहां अपराध देश की सामाजिक आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है या स्त्री या 14 साल के बालक के विरूद्ध किया गया हो को छोड़कर अभियुक्त के स्वेच्छा से आवेदन पेश करने पर प्रकरण का पारस्पारिक सन्तोषप्रद निपटारा अर्थात आपसी बात-चीत से निपटारा किया जा सकता है। ऐसी दशा में अपराधी परिवीक्षा अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के प्रावधान अभियुक्त के प्रकरण में आकर्षित है, तो यह अभियुक्त परिवीक्षा पर निर्मुक्त किया जा सकता है।  न्यूनतम दण्ड के आधे दण्ड से या अन्य दशा में अपराध के लिए उपबन्धित या विस्तारित जैसी स्थिति हो, दण्ड के एक-चैथाई दण्ड से दण्डित किया जा सकेगा।
श्री जिन्दल ने बताया कि माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्णय, आदेश में यह विधि व्यवस्था की गई है कि यदि दोषसिद्धि होने पर अभियुक्त जेल जाता है या विचारधीन बंदी की दोषसिद्धि होती है तो अभियुक्त को प्रदत निर्णय की प्रतिलिपि के अतिरिक्त, निर्णय की एक अन्य अतिरिक्त सत्यापित प्रति जेल प्राधिकारी को प्रेषित किए जाने की व्यवस्था की गई है। ताकि कोई भी बंदी अपील के अधिकार से वंचित न रह सके। विधिक सेवा शिविर में जेल अधीक्षक श्री मनीष संभारकर भी उपस्थित थे।

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