
खैरागढ़। मोबाइल और इंटरनेट ने जहां जिंदगी आसान बनाई है, वहीं ऑनलाइन सट्टा और डिजिटल जुए ने इसे बेहद खतरनाक भी बना दिया है। खैरागढ़ जिले में सामने आया ‘शिवा बुक’ ऑनलाइन सट्टा एप का मामला इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कैसे मोबाइल की एक क्लिक से करोड़ों रुपये का अवैध नेटवर्क खड़ा किया जा रहा था। छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच में इस हाईटेक सट्टा रैकेट का ऐसा चेहरा सामने आया, जिसने साइबर एजेंसियों को भी चौंका दिया।
मोबाइल एप की आड़ में चल रहा था सट्टा साम्राज्य
पुलिस जांच में सामने आया कि ‘शिवा बुक’ नामक ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में क्रिकेट, फुटबॉल, कैसीनो गेम और लाइव मैचों पर सट्टा खिलाया जा रहा था।
इस नेटवर्क को इस तरह डिजाइन किया गया था कि पहली नजर में यह एक सामान्य ऑनलाइन गेम या स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म लगे। पुलिस और साइबर एजेंसियों से बचने के लिए आरोपी एप का नाम बदल-बदलकर ‘100 पैनल’ और ‘फेयर प्ले’ जैसे नामों से संचालन कर रहे थे।
सोशल मीडिया से बिछाया जाता था जाल
ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पहला हमला व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक से होता था।
एजेंट लोगों को भरोसे में लेने के लिए पहले आईडी-पासवर्ड देते और शुरुआत में जानबूझकर थोड़ा मुनाफा दिखाया जाता। भरोसा बनते ही दांव की रकम बढ़ा दी जाती और यूजर धीरे-धीरे डिजिटल जुए के दलदल में फंस जाता।
म्यूल अकाउंट और करोड़ों का ट्रांजेक्शन
जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक ट्रांजेक्शन पर आधारित था।
आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों के नाम पर म्यूल अकाउंट खुलवाते, जिनमें सीधे यूजर्स से पैसे ट्रांसफर कराए जाते। बाद में रकम को कई खातों में घुमाकर असली स्रोत छुपा दिया जाता।
खैरागढ़ केस में करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है, जो इस नेटवर्क के विशाल फैलाव को दिखाता है।
हाईटेक सेटअप से चलता था पूरा खेल
यह पूरा अवैध कारोबार
- लैपटॉप
- मल्टी सिम
- हाई-स्पीड वाई-फाई
- VPN
- क्लाउड सर्वर
के जरिए संचालित किया जा रहा था। एक ही जगह बैठकर आरोपी हजारों लोगों को ऑनलाइन सट्टे से जोड़ रहे थे, जिससे यह अपराध अब स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराज्यीय साइबर क्राइम बन चुका है।
पहले 8, अब गुरुग्राम से 5 आरोपी गिरफ्तार
पहले 8, अब गुरुग्राम से 5 आरोपी गिरफ्तार
खैरागढ़ पुलिस ने पहले थाना छुईखदान क्षेत्र से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि नेटवर्क की एक अहम ब्रांच गुरुग्राम (हरियाणा) में चल रही है।
इसके बाद पुलिस टीम ने गुरुग्राम में एक मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग पर दबिश देकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी:
- देवेंद्र सिंह (भिलाई)
- हर्ष प्रजापति (भिलाई)
- राजा मुखिया (दरभंगा, बिहार)
- उमेश मुखिया (दरभंगा, बिहार)
- मोतीलाल श्रीवास (जिला सक्ती)
- क्या-क्या जब्त हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से—
- ₹22,000 नकद
- बैंक खातों में जमा ₹91,175
- कुल ₹1,13,175 नकद/जमा राशि
- 19 मोबाइल फोन
- 2 लैपटॉप
- 3 एटीएम कार्ड
- 1 वाई-फाई राउटर
- 14 सिम कार्ड
जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ₹4.98 लाख बताई गई है। साथ ही 7 म्यूल बैंक खातों को सीज किया गया है।
ऑनलाइन सट्टा है गंभीर अपराध
कानून की नजर में ऑनलाइन सट्टा गंभीर अपराध है।
छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022, आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत इसमें कड़ी सजा और सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
ऑनलाइन सट्टा सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि परिवारों के टूटने, मानसिक तनाव, कर्ज और आत्मघाती कदम तक की वजह बन रहा है—खासकर युवा वर्ग इसके सबसे बड़े शिकार हैं।



