दिल्ली : जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने पर भड़के अभिजीत दीपके, बोले- कल लोकतंत्र ही खत्म कर देंगे
नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इस फैसले को लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने वाला कदम बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आज जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया है, कल लोकतंत्र को ही खत्म कर दिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के आदेश के बाद बदली प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी किया। इसके तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए निर्धारित स्थलों के रूप में नामित किया गया है। इस फैसले के बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाना लोकतांत्रिक विरोध की भावना के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध की जगह सीमित करने से लोगों की आवाज खत्म नहीं होगी, बल्कि देशभर में विरोध तेज हो सकता है।
दीपके ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि जंतर-मंतर को सूची से हटाने के बाद अगला कदम लोकतंत्र को ही खत्म करने जैसा होगा। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
प्रदर्शनकारियों के लिए अब वैकल्पिक स्थल
दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, धरना-प्रदर्शन के लिए अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान जैसे स्थलों को निर्धारित किया गया है। जंतर-मंतर को सूची से हटाने के फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।
फिलहाल इस फैसले को लेकर विवाद जारी है। प्रदर्शन स्थल में बदलाव के पीछे प्रशासनिक कारणों और विरोध करने वाले संगठनों की चिंताओं पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।
