धमतरी : गंदा पानी लेकर नगर निगम पहुंचे तीन वार्डों के लोग, महापौर और आयुक्त को पीने की दी चुनौती
धमतरी। शहर के तीन वार्डों में दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान लोग सोमवार को गंदे पानी से भरे गिलास लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। सोरीद, डाक बंगला और जोधपुर वार्ड के लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और नगर निगम आयुक्त को गंदा पानी पीने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि अधिकारी इसे पी सकते हैं तो उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाएंगे।
वार्डवासियों का आरोप है कि करीब एक महीने से घरों में गंदा पानी आ रहा है। इसके कारण लोग उल्टी-दस्त और बुखार जैसी समस्याओं से परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ पानी की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
महापौर के चेंबर में गंदे पानी का गिलास रखा
प्रदर्शनकारी हाथों में अपने-अपने वार्ड के नाम की तख्तियां लेकर नगर निगम पहुंचे। वे अधिकारियों को बाहर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जब अधिकारी बाहर नहीं आए तो वार्डवासी और पार्षद महापौर के चेंबर में पहुंच गए।
यहां उन्होंने महापौर के सामने गंदे पानी का गिलास रखा और इसे पीने की चुनौती दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी गंदे पानी का गिलास लेकर नगर निगम आयुक्त के पास भी पहुंचे और उन्हें भी पानी पीने के लिए कहा।
उल्टी-दस्त और बुखार से लोग परेशान
वार्डवासियों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से परिवार के सदस्य बीमार पड़ रहे हैं। कुछ लोगों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से परिवार के सदस्य उल्टी-दस्त और बुखार से परेशान हैं। कुछ मरीजों को दो बार अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत भी आई है।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि दूषित पानी के कारण कुछ लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि, इन मौतों और दूषित पानी के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
जोधपुर वार्ड की पार्षद सुमन मेश्राम ने कहा कि उनके वार्ड में एक महीने से अधिक समय से गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुक्त को फोन करने पर समस्या के समाधान को लेकर टालमटोल की जाती है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से किसी की तबीयत बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
उप नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद विशु देवांगन ने कहा कि सोरीद, जोधपुर और डाक बंगला वार्ड के लोग लंबे समय से दूषित पानी की समस्या से परेशान हैं। इस संबंध में आयुक्त को पहले भी जानकारी दी गई थी, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहरवासियों को साफ पानी उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि शहर में कई जगह पानी की आपूर्ति केवल 20 से 25 मिनट तक हो रही है।
पाइपलाइन में लीकेज से दूषित पानी आने की बात स्वीकारी
नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा ने वार्डों में पानी की समस्या होने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि संबंधित इलाके में दो पाइपलाइन हैं, जिनमें एक पुरानी और दूसरी नई है। नई पाइपलाइन एक निजी व्यक्ति के घर के किनारे से होकर गुजरती है। आशंका है कि खुदाई के दौरान यह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी।
आयुक्त के अनुसार, नगर निगम की टीम दो-तीन दिनों से लीकेज की तलाश कर रही थी। रविवार को इसका पता चला, जिसके बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी की समस्या पैदा हुई।
हालांकि, आयुक्त ने डेढ़ महीने से लगातार गंदा पानी आने की बात से असहमति जताई। उन्होंने बताया कि इससे पहले बागतराई पुलिया के पास खुदाई के दौरान भी बड़ी पाइपलाइन प्रभावित हुई थी। मरम्मत के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, लेकिन बाद में दूसरी जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
मरम्मत तक टैंकर से पानी की व्यवस्था
आयुक्त अरुण वर्मा ने बताया कि प्रभावित वार्डों में नगर निगम की ओर से टैंकर के माध्यम से पानी भेजा जा रहा है। पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने तक यह वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी।
उन्होंने दावा किया कि सोमवार शाम तक पाइपलाइन ठीक कर प्रभावित वार्डों में साफ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि मरम्मत के बाद लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल पाता है या नहीं।


