नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, स्कूलों में लौटी बच्चों की रौनक
शाला प्रवेश उत्सव के साथ हुआ स्वागत, तिलक लगाकर और पुस्तकें देकर किया अभिनंदन
रायपुर। गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार से छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई। प्रदेशभर के विद्यालयों में बच्चों की चहल-पहल और उत्साह देखने को मिला। पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों से लेकर पुराने विद्यार्थियों तक का शिक्षकों ने आत्मीय स्वागत किया।
स्कूल परिसरों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया तथा उन्हें पाठ्यपुस्तकें भेंट कर नए सत्र की शुभकामनाएं दी गईं। छुट्टियों के बाद दोस्तों और शिक्षकों से मुलाकात को लेकर बच्चों में खास उत्साह नजर आया।
16 से 27 जून तक मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव
नए शिक्षा सत्र के साथ ही प्रदेश में 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस दौरान स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से नए विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा और उन्हें नियमित रूप से शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य कार्यक्रम 30 जून को आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण भी किया जाएगा।
नौनिहालों के लिए यादगार बना पहला दिन
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूल का पहला दिन उत्सव जैसा रहा। कई विद्यालयों में फूल, तिलक और मिठाई के साथ बच्चों का स्वागत किया गया। स्कूल परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया ताकि पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों के मन से झिझक और डर दूर हो सके।
अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ इस विशेष दिन को यादगार बनाया और उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत पर खुशी जताई।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और भविष्य निर्माण का आधार है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मेहनत ही कल की सफलता तय करती है और शिक्षा के माध्यम से बच्चे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।



