पूंजीपथरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: NRVS स्टील प्लांट में संगठित चोरी का 24 घंटे में खुलासा, जेसीबी ऑपरेटर और लोडर चालक समेत 5 गिरफ्तार
रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में पूंजीपथरा थाना पुलिस ने एनआरवीएस (NRVS) स्टील लिमिटेड प्लांट में हुए लाखों रुपये के स्क्रैप पाइप चोरी के एक बड़े मामले का महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस संगठित चोरी में कंपनी के ही अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 9.08 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है।
फ्लाई ऐश के नीचे छिपाकर प्लांट से बाहर भेजा जा रहा था कीमती स्क्रैप
जानकारी के अनुसार, एनआरवीएस स्टील लिमिटेड के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने 6 जून 2026 की रात पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड से करीब 300 किलो एस.एस. (Stainless Steel) स्क्रैप पाइप गायब है, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 08 हजार रुपये है। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 135/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की धारा 303(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जेसीबी ऑपरेटर, लोडर चालक और ट्रेलर चालक ने मिलकर रची थी साजिश
थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने कर्मचारियों से पूछताछ की और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, तो पता चला कि चोरी का माल तराईमाल के जंगलों में छिपाकर रखा गया है। पुलिस ने घेराबंदी कर जब 5 संदिग्धों को पकड़ा, तो इस हाईटेक चोरी की पूरी कहानी सामने आ गई।
योजना के मुताबिक, प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर बृज कुमार खटकर ने पहले कीमती पाइप को फ्लाई ऐश (राख/डस्ट) के भीतर दबा दिया। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप ने उन पाइपों को ट्रेलर (क्रमांक CG 13 D 6980) में लोड किया और ऊपर से और फ्लाई ऐश भर दी ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा माल को सुरक्षित तरीके से प्लांट से बाहर निकाल ले गया। बाद में आरोपी करन श्रीवास और राजेश पटेल ने अपनी ईको कार में माल लोड कर उसे तराईमाल के जंगलों में छिपा दिया, जिसे वे मौका पाकर बेचने वाले थे।

9 लाख से अधिक का माल जब्त, संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तराईमाल के जंगलों से 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप (कीमत 1,08,000 रुपये) और वारदात में इस्तेमाल की गई ईको वाहन क्रमांक CG 13 BH 7556 (कीमत 8,00,000 रुपये) को बरामद कर जब्त कर लिया है। चूंकि आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर एक सिंडिकेट की तरह इस वारदात को अंजाम दिया था, इसलिए पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) यानी **संगठित अपराध** की कड़ी धारा भी जोड़ दी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची:
- नंदकिशोर विश्वकर्मा (23 वर्ष) – निवासी सेहदा, थाना लावालंग, जिला चतरा (झारखंड), हाल मुकाम पूंजीपथरा।
- राजेश कुमार पटेल (21 वर्ष) – निवासी बगबुड़ा, थाना पूंजीपथरा।
- करन श्रीवास (22 वर्ष) – निवासी गेरवानी, थाना पूंजीपथरा।
- दीपक कुमार कश्यप (24 वर्ष) – निवासी रूगदा, जिला जांजगीर-चांपा, हाल मुकाम गेरवानी।
- बृज कुमार खटकर (26 वर्ष) – निवासी ग्वालिनडीह, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, हाल मुकाम गेरवानी।
भीतरघात और संगठित गिरोहों पर होगी कड़ी कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एएसपी अनिल कुमार सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में हुई इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, आरक्षक विनोद शर्मा, ओम प्रकाश तिवारी और सुरेन्द्र यादव की विशेष भूमिका रही। एसएसपी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में चोरी, गबन या कंपनियों के भीतर रहकर रीढ़ की हड्डी तोड़ने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। संगठित रूप से अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का यह दंडात्मक अभियान इसी तरह जारी रहेगा।




