पूर्व सरपंच ने नाली जाम होने पर फावड़ा उठाकर जाम नाली की सफाई

 बलौदाबाजार,
फागुलाल रात्रे, लवन।
ग्राम पंचायत कोरदा में एक ऐसी तस्वीर देखी गई जिसने राजनीति और समाज सेवा के बीच लकीर को और भी गहरा कर दिया है। अक्सर हम जनप्रतिनिधियों को वादे करते या मंचो से भाषण देते देखते है, लेकिन जनपद पंचायत बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोरदा के पूर्व सरपंच ने जो किया वह किसी मिसाल से कम नहीं है। ग्राम पंचायत कोरदा का पर्यापारा मोहल्ला में बारिश होने पर एक से दो फीट तक गहरा पानी भर जाता है, इस बीच नालियों में मलबा भी जमा हो जाता है। नाली जाम होने पर पानी निकासी में रूकावट उत्पन्न हो रही थी जिसे देखकर पूर्व सरपंच खेतरसिंह ध्रुव ने स्वयं से फावड़ा उठाया और अपने बेटे के सहयोग से जाम नाली की सफाई कर डाली। नाली की सफाई होने पर पानी निकासी अब ठीक से हो रही है।
विदित हो कि ग्राम पंचायत कोरदा में हर वर्ष बरसात के दिनों में ज्यादा बारिश होने पर दो फीट तक पानी भर जाता है जिससे ग्रामीणों को आने जाने में काफी समस्या होती है, सबसे ज्यादा समस्या प्राथमिक और मिडिल स्कूल के बच्चों को स्कूल के लिए आने-जाने में समस्या होती है। हालांकि इस वर्ष ग्राम पंचायत के द्वारा करीब ढाई सौ मीटर तक नाली एवं डेढ़ सौ मीटर तक सीसी सड़क बनाया गया है। साथ ही नाली की सफाई कराया गया है, इसके बावजूद करीब 100 मीटर तक सड़क पर पानी भर रहा है। उक्त सड़क पर गांव की गलियो एवं खेतों का पानी भी आता है इस वजह से इस रोड पर पानी हमेशा ही भरा रहता है। इसी बीच रोड किनारे बड़ी मात्रा में मलबा का ढेर जमा होने पर पूर्व सरपंच खेतरसिंह ध्रुव ने फावड़ा उठाकर अपने बेटे के सहयोग से मलबा को नाली से बाहर निकाला दिया गया। जिससे पानी का आवागमन तेज गति से होने पर सड़क से पानी निकासी हो रहा है। एक जिम्मेदार व्यक्ति को नाली की सफाई करते देख हर कोई दंग रह गया। सफाई करने के दौरान पूर्व सरपंच खेतरसिंह ध्रुव ने कहा कि वह सरपंच थे तब भी नालियों की सफ़ाई करते थे आज सरपंच नहीं हूँ फ़िर भी नालियों की सफ़ाई कर रहा हूँ। सफ़ाई करना कोई गलत नहीं है। सभी व्यक्ति को साफ़ सफ़ाई पर विशेष ध्यान देने चाहिए। उन्होंने कहा यदि हर कोई व्यक्ति अपने घर के बाहर नाली और सड़को की सफाई कर दे तो पानी निकासी की समस्या ही निर्मित नहीं होगी। यह कदम केवल एक सफाई अभियान नहीं था, बल्कि उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश था जो सार्वजनिक स्वच्छता को गंभीरता से नहीं लेते। उनकी इस पहल की मोहल्ले में जमकर तारीफ हो रही है।
Back to top button