बाघ खाल तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, रेंजर समेत तीन वनकर्मी निलंबित

दो बाघों के शिकार और खाल तस्करी मामले में वन विभाग की कार्रवाई, जांच जारी

बीजापुर, 09 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बाघ खाल तस्करी मामले में वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पासेवाड़ा रेंज के रेंजर, डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच जारी रखते हुए संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

वन विभाग द्वारा गठित जांच समिति की पड़ताल में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वनकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि 3 जुलाई को इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) के पासेवाड़ा कोर एरिया में दो बाघों के शिकार और उनकी खाल की तस्करी का मामला उजागर हुआ था। अत्यधिक संरक्षित कोर एरिया में शिकारियों के पहुंचकर दो बाघों का शिकार कर लेना वन विभाग की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह पहला अवसर नहीं है जब इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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