बीजापुर : पीडिया के जंगलों से 3 आईईडी और 2 नक्सल डंप बरामद, नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पीडिया (हर्रा/अर्रा) इलाके के घने जंगलों में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 199वीं वाहिनी के जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 3 जिंदा आईईडी (IED) और 2 बड़े नक्सल डंप बरामद किए हैं। इन डंपों से भारी मात्रा में विस्फोटक और चिकित्सा सामग्री जब्त की गई है।
सीआरपीएफ का योजनाबद्ध सर्च ऑपरेशन
यह कामयाबी सीआरपीएफ 199वीं वाहिनी के कमांडेंट आनंद कुमार के कुशल मार्गदर्शन और द्वितीय कमान अधिकारी कुमार नीरज की देखरेख में मिली है। पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर एफ/199 कंपनी के कमांडर के.बी. पांडा के नेतृत्व में जवानों ने हर्रा/अर्रा के जंगलों में सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए जवानों ने अत्यंत सतर्कता के साथ चरणबद्ध सर्च ऑपरेशन चलाया, जिससे बिना किसी नुकसान के इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

विस्फोटक बनाने का सामान और दवाइयां जब्त
सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के इरादे से नक्सलियों ने इन खतरनाक सामग्रियों को जमीन के नीचे छिपाकर रखा था। बरामद किए गए दोनों डंपों की तलाशी लेने पर आईईडी निर्माण में इस्तेमाल होने वाला गन पाउडर, जिलेटिन स्टिक, कमर्शियल डेटोनेटर और करीब 15 प्रकार की जीवन रक्षक दवाइयां व मेडिकल आइटम मिले हैं। जवानों ने मौके से कुल 21 प्रकार की युद्धक व अन्य सामग्रियां जब्त की हैं।


इलाके में नक्सली नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
बीजापुर का यह अंदरूनी इलाका लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन सुरक्षाबलों की निरंतर मौजूदगी और आक्रामक अभियानों के चलते अब यहां नक्सलियों का प्रभाव काफी कमजोर पड़ चुका है। सीआरपीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की बयार को बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। जंगलों में छिपे हुए नक्सलियों और उनके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह के एंटी-नक्सल ऑपरेशन पूरी कड़ाई के साथ जारी रहेंगे।




