भागवत कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला का वर्णन सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हुए

बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
ग्राम लाटा में स्वर्गीय सहोद्री बाई साहू एवं राधिका बाई साहू की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा दौलत राम साहू एवं सौलत राम, सरपंच भुनेश्वर साहू पत्नी पूर्णिमा साहू तथा राजकुमार साहू, पत्नी चंद्रकला साहू के यहां 27 अक्टूबर से भागवत कथा आयोजित है, जो 3 नवंबर तक चलेगी। कथा वाचक पंडित ललित नारायण शर्मा ने भागवत कथा के पांचवे दिन कृष्ण बाल लीला की कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। कथावाचक पंडित शर्मा ने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं की। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो, तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते थे कि मैंने माखन नहीं खाया। पंडित शर्मा ने कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इंद्र व्रज में वर्षा करते हैं, जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है, अत: हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। बहुत विवाद के बाद श्री कृष्ण की यह बात मानी गई और व्रज में गोवर्धन पूजा की तैयारियां शुरू हो गईं।  इस दौरान ग्राम लाटा एवं आसपास गांव से श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में मौजूद थे।
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