मानवता का महायज्ञ: परम पूज्य औघड़ संत प्रियदर्शी राम जी के सानिध्य और निर्देशन में 11 गरीब कन्याओं का निःशुल्क सामूहिक विवाह, नवदंपतियों को ₹50 हजार तक के गृहस्थी उपहार
प्रेरणा परमार्थ आश्रम प्रयागराज द्वारा परम पूज्य औघड़ संत प्रियदर्शी राम जी के सानिध्य और निर्देशन में झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र महुआडांड़ प्रखंड के सोहरपाट गांव में 11 गरीब एवं जरूरतमंद कन्याओं का निःशुल्क सामूहिक विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम बने इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु, ग्रामीण एवं अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ परमपूज्य अवधूत भगवान राम जी के पूजन, माल्यार्पण तथा अतिथियों द्वारा सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात वैदिक कर्मकांड के विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी 11 जोड़ों का विवाह पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराया। सुबह 7 बजे आरंभ हुई विवाह की रस्में दोपहर तक चलीं और दोपहर 2 बजे परम पूज्य औघड़ संत प्रियदर्शी राम जी के आशीर्वचन संदेश के साथ सभी नवविवाहित जोड़ों को भावपूर्ण विदाई दी गई।
इस अवसर पर आंगतुक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ग्रासिम इंडस्ट्रिज रेहला के यूनिट हेड श्रीमान हितेंद्र अवस्थी सहित अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में समानता, सहयोग और संस्कारों का उत्सव है। उन्होंने प्रेरणा परमार्थ आश्रम की इस सेवा-परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना अत्यंत पुण्य और अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सद्भाव और संस्कारों को और अधिक मजबूत करेंगे।
समारोह में प्रत्येक वर-वधू के साथ उनके परिजनों को भी आमंत्रित किया गया था। सभी बारातियों, सरातियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन पारिवारिक एवं उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
आश्रम के स्वयंसेवकों ने बताया कि यह सेवा अभियान प्रेरणा परमार्थ आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन औघड़ सुधीर भैया जी की प्रेरणा से आरंभ हुआ था और आज भी उनके आदर्शों पर चलते हुए आश्रम निरंतर समाजसेवा के विविध कार्य कर रहा है। आश्रम द्वारा गंगा स्वच्छता अभियान, रोटी बैंक, सर्दियों में वस्त्र वितरण, गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
महुआडांड़ का सोहरपाट क्षेत्र आदिवासी बहुल इलाका है। जहां सीधे-साधे आदिवासी भाइयों का सुनियोजित तरीके से किए जा रहे धर्मांतरण के प्रयासों के विरुद्ध इस प्रकार के कार्यक्रम जरूरी है जिससे कि यहां कि स्थानीय एवं आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा को अक्षुन्न बनाए रखा जा सके। आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि इस प्रकार के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विवाह उपरांत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थ जीवन की सफल शुरुआत के लिए लगभग ₹50 हजार मूल्य की आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इनमें पलंग, गद्दा, तकिया, कुर्सी, टेबल, साइकिल, 115 प्रकार के बर्तनों का सेट, वर-वधू दोनों के लिए अलग-अलग हाथ घड़ी, जूते, चप्पल, वैनिटी बॉक्स, ट्रंक, पंखा, चटाई, साड़ी, शर्ट-पैंट समधी हेतु धोती सहित अनेक उपयोगी घरेलू सामान शामिल थे।
परम पूज्य औघड़ संत प्रियदर्शी राम जी ने अपने संदेश में कहा कि “पैसों के अभाव में अब किसी भी गरीब बहन-बेटी का विवाह नहीं रुकेगा। प्रेरणा परमार्थ आश्रम प्रत्येक वर्ष निःशुल्क सामूहिक विवाह का आयोजन करता रहेगा। समाज के अभावग्रस्त परिवारों की बेटियों के विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी आश्रम का प्रत्येक परमार्थी संकल्पपूर्वक निभाएगा।”
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। आश्रम की चिकित्सा टीम ने समारोह में शामिल लोगों एवं आसपास के ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की, चिकित्सा परामर्श दिया तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया।
इस भव्य एवं सफल आयोजन को संपन्न कराने में रांची, रेहला, सिमडेगा, आदर, गढ़वा, डाल्टनगंज, पटना, रामगढ़, सहित अनेक स्वयंसेवकों एवं अनुयायियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


