
रायगढ़:- शहर की सबसे खस्ताहाल सड़को में से एक मरीन ड्राइव सड़क जो कभी शहर की शान हुआ करती थी। आज अपनी बदहाली के लिए जानी जाती है। निर्माण के समय की गई धांधलियों और लापरवाही की वजह से तब करोड़ो रुपयों की लागत से बनी यह सड़क महज कुछ सालों में ही टूट फुट कर जानलेवा गड्ढों से भर गई। हालात इतने बदतर हो गए कि बारिश के समय यह सड़क तेज बहाव वाला बरसाती नाला बनने लगी।
कभी गाड़ियों के लगातार आवाजाही से हमेशा व्यस्त रहने वाली मरीन ड्राइव सड़क में सुबह शाम का नजारा देखते बनता था। यही वजह थी कि सड़क के दूसरे तरफ व्यवसायिक निर्माणों में भी तेजी आई। कई तरह की दुकानों के अलावा शो रूम और स्कूल भी खुल गए।
इस क्रम में छोटे बच्चों के अध्ययन के लिए Dps किड्स स्कूल भवन का निर्माण भी हुआ। परन्तु जैसे जैसे सड़क की स्थिति बिगड़ने लगी वैसे- वैसे सड़क से रौनक खत्म होने लगीं। देखभाल के अभाव में सड़क इस कदर बदहाल हो गई कि आये दिन दुर्घटनाएं होने लगी। अंततः ऐसा भी समय आया कि बीते 10 महीनों से सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया।
इस वजह से सड़क के किनारे बनी दुकानें भी बन्द हो गई तथा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या भी दिन ब दिन कम होने लगी। इस सड़क से न तो बच्चों को लेकर स्कूल वाहन आ पा रहा था,न ही पेरेंट्स अपने बच्चों को छोड़ने आने को तैयार होते थे। स्कूल शिक्षकों को भी आवागमन में काफी परेशानियां होने लगी थी। इस समस्याओं को लेकर dps किड्स के शिक्षकों ने मेयर जानकी काटजू से मिलकर यथाशीघ्र मरीन डाइव सड़क निर्माण की मांग की उन्हें लिखित ज्ञापन भी दिया।
इस पर महापौर ने भी माना कि वाकई मरीन ड्राइव सड़क बदहाल है,हम प्राथमिकता से सड़क के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के प्रयास में लगे है,जल्दी ही निर्माण शुरू किया जाएगा।




