रामानुजगंज में अंतर्राज्यीय हाथी दांत तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार



रामानुजगंज, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय हाथी दांत तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने एक धर्मशाला में छापेमारी कर हाथी का जबड़ा और तीन हाथी दांत बरामद किए हैं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वनपरिक्षेत्राधिकारी कार्यालय रामानुजगंज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर संगठित वन अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 3 अगस्त को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (भोपाल), राज्य उड़नदस्ता दल रायपुर तथा वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि रामानुजगंज स्थित कन्हर नदी किनारे आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर-205 में हाथी दांत की अवैध तस्करी की तैयारी की जा रही है।

सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने धर्मशाला में दबिश दी। तलाशी के दौरान एक बैग से हाथी का जबड़ा और तीन हाथी दांत बरामद किए गए। मौके पर मौजूद तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने प्रारंभिक पूछताछ में अपराध स्वीकार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार विश्वकर्मा (42) निवासी नवाबाजार, जिला पलामू (झारखंड), अजय कुमार गुप्ता (49) तथा सतेन्द्र कुमार रजक (50) निवासी रामानुजगंज के रूप में हुई है।

वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग के अनुसार भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 का संरक्षित वन्यजीव है, इसलिए इस मामले को गंभीर वन अपराध माना गया है।

वन अपराध प्रकरण दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच जारी है और हाथी दांत तस्करी से जुड़े पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क तथा अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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