रायगढ़: ‘अभियान संवेदना’ के तहत पुलिस की बड़ी सफलता; 4 साल से लापता नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता सकुशल बरामद, न्यायालय में कराई गई पेश
रायगढ़, 12 अगस्त : रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “अभियान संवेदना” के तहत घरघोड़ा पुलिस ने लगभग चार वर्षों से लापता चल रही एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न्यायालय में लंबित पॉक्सो प्रकरण की न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में एक बड़ी सफलता मिली है।
क्या था पूरा मामला?
- पॉक्सो प्रकरण और गुमशुदगी: यह पूरा मामला विशेष न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय घरघोड़ा में विचाराधीन विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 से जुड़ा हुआ है। थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 232/2021 (धारा 363, 366, 376 भादंवि एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- न्यायिक कार्यवाही में रुकावट: मुकदमे की सुनवाई के दौरान वर्ष 2022 में पीड़िता के अचानक लापता होने की बात सामने आई थी। न्यायालय द्वारा लगातार समंस जारी किए जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिसके कारण केस की न्यायिक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
विशेष टीम का गठन और तलाश अभियान
नाबालिग पीड़िता की सुरक्षित तलाश और न्यायालय में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश और डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
- पुलिस टीम ने पीड़िता के परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों से गहन पूछताछ कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
- रायगढ़ जिले के अलावा अन्य जिलों में भी व्यावसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, कोयला खदानों और स्लम बस्तियों में सघन तलाश अभियान चलाया गया।
- आखिरकार, अथक प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को रायगढ़ से ढूंढ निकाला और अगले दिन 11 अगस्त को उसकी माननीय न्यायालय के समक्ष सुरक्षित उपस्थिति सुनिश्चित कराई।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका और एसएसपी का संदेश
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक दिनेश सिदार (क्र. 871), आरक्षक प्रदीप तिग्गा (क्र. 415) और आरक्षक हरीश पटेल (क्र. 646) की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने इस सफलता पर कहा कि “नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। चाहे कोई पीड़िता वर्षों से लापता क्यों न हो, उसकी तलाश के प्रयास कभी नहीं रुकेंगे। प्रत्येक पीड़ित को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”



