रायगढ़ : गांव के विकास की योजना अब ग्रामीण खुद कर रहे तैयार, जल संरक्षण और रोजगार पर जोर
रायगढ़, 8 अक्टूबर 2026। गांव में विकास की जरूरत क्या है और किन कार्यों को पहले किया जाना चाहिए, इसका फैसला अब ग्रामीणों की भागीदारी से किया जा रहा है। ‘विकसित भारत जी-राम जी’ अभियान के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने की प्रक्रिया में ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों और पंचायत प्रतिनिधियों को शामिल किया जा रहा है।
सामूहिक चर्चा के जरिए गांव के उपलब्ध संसाधनों, मौजूदा सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं का आकलन कर आगामी विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जा रही है।
ग्रामीणों ने तैयार किया गांव का संसाधन मानचित्र
ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के दौरान सहभागितापूर्ण ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और सामाजिक एवं संसाधन मानचित्रण जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में ग्रामीण स्वयं चार्ट पर गांव की सीमा, बस्तियों, जलस्रोतों और मौजूद बुनियादी सुविधाओं को चिन्हित कर रहे हैं। इसके साथ उन स्थानों को भी चिह्नित किया जा रहा है, जहां विकास कार्यों की ज्यादा आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इससे स्थानीय परिस्थितियों और ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिल रही है।
तालाब, चेकडैम और जल निकासी पर जोर
योजना निर्माण के दौरान जल संरक्षण और जल सुरक्षा को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार, नए चेकडैम निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की।
इसके अलावा गांव के आंतरिक मार्गों और पक्की सड़कों की जरूरत, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्कूलों तथा सामुदायिक भवनों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार को भी प्रस्तावित कार्यों में शामिल किया जा रहा है।
आजीविका बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधनों पर फोकस
ग्राम पंचायत विकास योजना में केवल अधोसंरचना ही नहीं, बल्कि रोजगार और आजीविका को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन और स्थानीय कौशल के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने से संबंधित सुझावों को योजना में शामिल किया जा रहा है।
वहीं बारिश से होने वाले नुकसान, सूखा और अन्य मौसमी परिस्थितियों से निपटने के लिए जल निकासी तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की जा रही है।
पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
GPDP तैयार करने की इस प्रक्रिया में ग्राम सरपंच, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और ग्रामीण सामूहिक रूप से शामिल हो रहे हैं।
इसका उद्देश्य गांव की जरूरतों को सीधे विकास योजनाओं से जोड़ना है, ताकि उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा सके।
ग्राम पंचायत विकास योजना की यह प्रक्रिया ग्रामीणों को अपने गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में सीधे भागीदारी का अवसर दे रही है।
