रायगढ़ : तमनार के कुंजेमुरा में नाला हुआ काला; सारदा एनर्जी की खदान से दूषित पानी छोड़ने का गंभीर आरोप

रायगढ़: जिले के तमनार क्षेत्र के कुंजेमुरा से पर्यावरण प्रदूषण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सारदा एनर्जी की खदान से निकलने वाला काले रंग का प्रदूषित पानी सीधे प्राकृतिक नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे नाले का पानी पूरी तरह काला और दूषित हो गया है।

ग्रामीणों के प्रमुख आरोप और चिंताएं

  • काले पानी का बहाव: सामने आई तस्वीरों और स्थानीय सूचना के अनुसार, नाले में लगातार काले रंग का दूषित पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है।
  • पर्यावरण और जलस्रोतों पर संकट: ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र से निकलकर नाले में मिल रहा यह गंदा पानी आगे चलकर आसपास के अन्य जलस्रोतों, भूमिगत जल, कृषि भूमि और स्थानीय पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।
  • नियमों की अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के निष्कासन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन कथित तौर पर बिना किसी उपचार (Treatment) के इसे सीधे प्राकृतिक नाले में बहाया जा रहा है।

उठ रहे बड़े सवाल

इस पूरी घटना के बाद क्षेत्र में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:

  1. क्या यह पानी वाकई खदान से निकलने वाला कोयला मिश्रित अपशिष्ट या दूषित पानी है?
  2. क्या बिना किसी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) या उचित उपचार के इस गंदे पानी को प्राकृतिक जलस्रोतों में छोड़ा जा रहा है?
  3. क्या संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठान पर्यावरण नियमों और मानकों का पालन कर रहा है?

प्रशासन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी

यदि खदान का यह दूषित पानी बिना उपचार के इसी तरह नालों में छोड़ा जाता रहा, तो इसका दूरगामी असर पानी, मिट्टी, खेती और जलीय जीवों पर पड़ना तय है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन और पर्यावरण विभाग (Environment Department) से मांग की है कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके का मुआयना कर पानी के स्रोत और उसकी गुणवत्ता की पारदर्शी जांच हो, तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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