रायगढ़ : धरमजयगढ़ की दो राशन दुकानों में 31.76 लाख के खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला, FIR के बाद संबंधित गिरफ्तार

गनपतपुर दुकान में 18.86 लाख और ससकोबा में 12.89 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी

चावल, शक्कर और नमक के स्टॉक में मिली बड़ी गड़बड़ी

हितग्राहियों को राशन वितरण में अनियमितता भी जांच में सामने आई

रायगढ़, 12 सितंबर 2026। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण की निगरानी के दौरान धरमजयगढ़ विकासखंड में बड़ी अनियमितता सामने आई है। खाद्य विभाग की जांच में गनपतपुर और ससकोबा की दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में कुल 31 लाख 75 हजार 720 रुपये के खाद्यान्न की कमी पाई गई। मामले में संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

गनपतपुर की दुकान में 18.86 लाख का खाद्यान्न कम

ग्राम गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्य विभाग की टीम ने स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान दुकान के रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता में बड़ा अंतर मिला।

जांच में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम पाया गया। इन खाद्यान्नों की अनुमानित कीमत 18 लाख 86 हजार 345 रुपये आंकी गई है।

ससकोबा में भी 12.89 लाख का स्टॉक गायब

इसी तरह ग्राम ससकोबा की उचित मूल्य दुकान में भी भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक में कमी सामने आई। यहां 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक की कमी पाई गई।

विभाग के अनुसार कम पाए गए खाद्यान्न का अनुमानित मूल्य 12 लाख 89 हजार 375 रुपये है।

राशन वितरण में भी मिली अनियमितता

दोनों दुकानों की जांच के दौरान केवल स्टॉक में कमी ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण से संबंधित अनियमितताएं भी सामने आईं। विभाग ने उपलब्ध रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण व्यवस्था का परीक्षण करने के बाद मामलों को गंभीर माना।

दोनों दुकानों से संबंधित प्रकरणों में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामलों को विवेचना में लेते हुए संबंधितों को गिरफ्तार किया है।

राशन दुकानों की लगातार हो रही जांच

जिला प्रशासन की ओर से उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न के भंडारण, स्टॉक और हितग्राहियों को वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को दुकानों का लगातार निरीक्षण और स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से का राशन निर्धारित मात्रा में और समय पर मिले। जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाल के दिनों में राशन वितरण से जुड़ी अन्य शिकायतों पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की है, जिससे PDS व्यवस्था की निगरानी को लेकर प्रशासन की सख्ती सामने आई है।

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