रायगढ़ में कांग्रेस की प्रेस वार्ता: पीएससी परीक्षा में अनियमितताओं और पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवाल, निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग
रायगढ़, 16 सितंबर 2026। जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण एवं शहर के संयुक्त नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस भवन में एक जिला स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाया गया। प्रेस वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण एवं शहर के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी और शाखा यादव ने संबोधित किया। इस अवसर पर अनिल शुक्ला, दीपक पांडेय, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, दीपक मंडल, विकास ठेठवार, विकास शर्मा, हरेराम तिवारी, तारेन डनसेना, रिंकी पांडेय, संदीप अग्रवाल, आशीष चौबे, सोनू पुरोहित और अनुराग गुप्ता सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मूल्यांकन व्यवस्था और चयन अनुपात पर उठाए गए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में लिए गए कुछ निर्णयों के कारण युवाओं के बीच असमंजस और असंतोष का माहौल है। नेताओं ने विशेष रूप से एक ही प्रश्न के सही एवं गलत उत्तरों को समान अंक दिए जाने के मुद्दे पर आपत्ति जताई और इस मूल्यांकन व्यवस्था को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की। इसके अलावा, साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन में 1:3 के अनुपात के पालन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस द्वारा भी CGPSC 2025 की परीक्षा के संदर्भ में इसी अनुपात को लेकर आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है।
युवाओं के भविष्य के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि राज्य के हजारों युवा अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और सीमित आर्थिक संसाधनों के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा से जुड़े हर निर्णय में पूरी पारदर्शिता, स्पष्ट नियम और अभ्यर्थियों के प्रति प्रशासनिक जवाबदेही होना अनिवार्य है। पार्टी ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़ी आपत्तियों, मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाए ताकि छात्रों के मन में उत्पन्न शंकाओं का समाधान हो सके। अंत में कांग्रेस ने यह संकल्प दोहराया कि वे युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और वैधानिक माध्यमों से अपनी आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे।












