रायगढ़ में 70.77 लाख रुपये की ठगी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, शेयर मार्केट में निवेश का दिया था झांसा
रायगढ़। शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर ग्रामीण महिलाओं से कथित तौर पर 70.77 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को तमनार क्षेत्र में दबिश देकर पकड़ा गया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
रकम दोगुनी करने का दिया था भरोसा
पुलिस के मुताबिक, मामला पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी और आसपास के गांवों की महिलाओं से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि ग्राम जतरी की मेनका सारथी अपने मायके आने पर महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश से अच्छा मुनाफा मिलने की बात बताती थी।
आरोप है कि उसने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि निवेश करने पर कम समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। यहां तक कहा गया कि यदि रकम दोगुनी नहीं हुई, तो वह और उसका पति अपनी गारंटी पर पैसा लौटाएंगे। इस भरोसे में आकर कई महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम दे दी।
10 महिलाओं से लाखों रुपये लेने की शिकायत
शिकायत के अनुसार, 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कई महिलाओं से बड़ी रकम ली गई। इनमें हारा बाई निषाद से 17.53 लाख रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17.24 लाख रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, सुशीला निषाद से 1.80 लाख रुपये और मोहनमती सिदार से 3.30 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है।
इसी तरह मुन्नी बाई सारथी से 3.40 लाख रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये और विष्णु प्रिया निषाद से 7.50 लाख रुपये लेने की शिकायत की गई है। पुलिस के अनुसार, अन्य महिलाओं से ली गई रकम सहित कुल 70,77,901 रुपये के लेनदेन की शिकायत सामने आई है।
शुरुआत में लौटाया मुनाफा, बाद में भुगतान बंद
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम लौटाई गई, जिससे उनका भरोसा बढ़ा। हालांकि, बाद में न तो मुनाफे का भुगतान किया गया और न ही मूल रकम वापस मिली।
आरोप है कि रकम लौटाने की मांग करने पर महिलाओं को टालमटोल का सामना करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने निवेश के लिए दूसरे बैंकों से कर्ज भी लिया था, जिसकी किस्तें अब उन्हें खुद चुकानी पड़ रही हैं।
पहले महिला आरोपी की गिरफ्तारी से खुली मुख्य आरोपी की भूमिका
पुलिस ने मामले में 22 जुलाई 2026 को साइबर थाना में अपराध क्रमांक 11/2026 दर्ज किया था। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खातों के लेनदेन, पीड़ित महिलाओं के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 6 अक्टूबर को मेनका सारथी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिनकेतन सिदार की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
तमनार क्षेत्र से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, मिनकेतन सिदार पिता ब्रह्मा सिदार, उम्र 40 वर्ष, ग्राम आमगांव, थाना तमनार का निवासी है। साइबर थाना पुलिस ने तमनार क्षेत्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। उसके पास से कथित अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया गया और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे लेनदेन की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल 70.77 लाख रुपये से अधिक की राशि लेने की शिकायत की गई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
