रायगढ़ : 72 घंटे में सुलझा डबल मर्डर केस; भूमि विवाद के चलते सगे भाइयों ने की थी दंपति की हत्या

धरमजयगढ़ (रायगढ़): जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम क्रोंधा में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पुरानी रंजिश के कारण एक वृद्ध दंपति की टांगी से निर्मम हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को आग के हवाले कर दिया था।

घटना का संक्षिप्त विवरण

15 जुलाई 2026 की सुबह ग्राम क्रोंधा में मंगल राठिया (65 वर्ष) और उनकी पत्नी पुनाई बाई (55 वर्ष) के जले हुए शव मिलने से हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना मृतक के यहां काम करने वाले रामलाल चौहान ने दी थी। प्रारंभिक तौर पर यह मामला दुर्घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने इसे चुनौतीपूर्ण ‘ब्लाइंड मर्डर’ मानते हुए जांच शुरू की।

वैज्ञानिक विवेचना और पुलिस डॉग ‘रूबी’ का कमाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संदिग्ध श्याम लाल राठिया तक पहुंचने का संकेत दिया। फोरेंसिक (FSL) साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जब पुलिस ने संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं।

क्या थी हत्या की वजह?

पूछताछ में आरोपियों—श्याम लाल राठिया (32 वर्ष) और जीवन लाल राठिया (48 वर्ष) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 के एक भूमि विवाद को लेकर वे मृतक मंगल राठिया से रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते 14 जुलाई की रात वे टांगी लेकर घर में घुसे और दंपति की हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए उन्होंने शवों और घर में आग लगा दी थी।

पुलिस टीम की तत्परता

इस अंधे हत्याकांड को सुलझाने में एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी धरमजयगढ़ राजेश जांगड़े और घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव की टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “अपराध चाहे कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने अपराधी बच नहीं सकते। भूमि विवाद का समाधान हमेशा कानून के दायरे में रहकर ही करना चाहिए, हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है।”

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