रायपुर में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के संविदा शिक्षक-कर्मचारियों का धरना शुरू, नियमितीकरण समेत 5 मांगों को लेकर प्रदर्शन
रायपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक और कर्मचारियों ने मंगलवार से रायपुर के तूता धरना स्थल पर दो दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने किया। संघ का दावा है कि प्रदेशभर से करीब 8 हजार शिक्षक और कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों का नियमितीकरण, कार्य के अनुरूप उचित वेतनमान, प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, अवकाश और सेवा सुरक्षा जैसी सुविधाएं तथा सेवा शर्तों में सुधार कर सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना शामिल है।
प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने कहा कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान की मांग के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से आत्मानंद विद्यालयों में सेवाएं देने के बावजूद हजारों संविदा शिक्षक कम वेतन, असुरक्षित नौकरी और भविष्य की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
संघ के संरक्षक कमल वर्मा ने कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की सफलता में संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
महासचिव हरिओम शर्मा ने कहा कि संगठन हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता आया है, लेकिन अब मांगों पर निर्णय में अधिक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
धरना-प्रदर्शन को विभिन्न शिक्षक, कर्मचारी और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक “सम्मानजनक सेवा हमारा अधिकार है”, “शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का सम्मान” और “नियमितीकरण हमारा अधिकार है” जैसे नारे लगाते रहे।
संघ के मीडिया प्रभारी राहुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि धरने का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।


