लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में ‘आपातकाल के योद्धा’ स्मारिका का विमोचन, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का ऐसा दौर था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका ‘आपातकाल के योद्धा’ का विमोचन किया तथा राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, जीवन मूल्य : इंद्रेश कुमार
समारोह के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। लोकतंत्र सेनानियों ने जेल और यातनाएं सहकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने साझा किए आपातकाल के पारिवारिक अनुभव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि आपातकाल के दौरान उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्वयंसेवक भेष बदलकर परिवारों तक राशन पहुंचाते थे ताकि कोई परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है और इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल सराहनीय है।
आपातकाल लोकतंत्र के लिए चेतावनी था : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दौर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की सीख देता है।
निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यालय वर्ग में:
- प्रथम – जागृति जांगड़े (रायपुर)
- द्वितीय – सूरज तांडिया (कोरबा)
- तृतीय – अंश देशमुख (दुर्ग)
महाविद्यालय वर्ग में:
- प्रथम – कल्याणी पटले (रायपुर)
- द्वितीय – सीमा साव (रायगढ़)
- तृतीय – खुशबू (दुर्ग)
मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
कई जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, गोमती साय सहित लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


