वर्षो पुरानी मांग हुई पूरी, छात्रावास बनने से पखांजूर गढ़ेगा नया कीर्तिमान।

पखांजूर से बिप्लब कुण्डू–11.3.22

पखांजूर–
पिछले तीन दशकों से छात्रावास की कमी का दंश झेल रहा पखांजूर अब इस ग्रहण से उबरने जा रहा है। जिससे इलाके के छात्र-छात्राओं के मन में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है कि उनकी तीन दशक पुरानी मांग पर अब मुहर लग चुकी है। नौ मार्च को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल के चौथा बजट पेश किया। जिसमें विधायक अनूप नाग के प्रयासों से अंतागढ़ विधानसभा को 107 करोड़ रुपये की सौगातें भी शामिल है।
इसमें पखांजूर के शासकीय वीर गेंद सिंह महाविद्यालय में कन्या और बालक छात्रावास के स्थापना एवं भवन निर्माण के लिए दो करोड़ तीस लाख रुपये का प्रविधान शामिल किया गया है। जो निश्चित तौर पर क्षेत्र के लिए राहत की खबर के साथ छात्र छात्रों के लिए काफी बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है। विधायक के प्रयास से राज्य सरकार ने पखांजूर इलाके के छात्र-छात्रों के भविष्य के लिए सोचा और युवाओं को इतनी बड़ी सौगातें दी, ताकि पखांजूर इलाके के बच्चे छात्रावास के अभाव में पढ़ाई से वंचित न हो और छात्रावास का लाभ लेकर अपनी उच्च शिक्षा को जारी रख सके।
गौरतलब है कि इलाके के छात्र-छात्राओं के 12वीं की पढ़ाई के बाद पखांजूर इलाके भर में एक ही महाविद्यालय संचालित है। शासकीय वीर गेंद सिंह महाविद्यालय एकमात्र महाविद्यालय है। जहां इलाके भर के आसपास के लगभग 150 किमी के छात्र छात्राएं यहां पढ़ते है। परंतु छात्रावास के अभाव मे दूर दराज के काफी छात्र छात्र पढ़ाई छोड़ देते है। साधनों के अभाव व अधिक दूरी पर बच्चों को नियमित आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है।
कई गांव ऐसे हैं जहां रोजाना गाड़ियां नहीं चलती जिससे बच्चे रोज महाविद्यालय तक नहीं पहुंच पाते। वहां से आवागमन के साधन कम हैं। ऐसे में सैकड़ों बालक-बालिकाओं को पढ़ाई छोडे को मजबूर होना पड़ रहा है। उच्च शिक्षा के लिए आवासीय छात्रावास नहीं होने के कारण प्रतिभा होने के बावजूद अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ कर बेरोजगार हो जा रहे है और संसाधनों के अभाव में शिक्षा के क्षेत्र में समानता के अवसर को प्राप्त करने में पिछड़ जा रहे है। परंतु अब छात्रावास की स्वीकृति के बाद छात्र छात्रों के मन मे उज्ज्वल भविष्य की अलख एकबार पुनः जागृत हो चुकी है।
बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था–
बताना लाजमी होगा कि वीर गेंद सिंह महाविद्यालय की स्थापना सन 1988-89 में हुई थी। तब से लेकर अबतक क्षेत्र के छात्र छात्रों ने यहां से उच्च शिक्षा अर्जित की। कई सक्षम बच्चों ने कालेज में संसाधनों के अभाव और बेहतर शिक्षा के लिए दुर्ग, भिलाई, रायपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख कर लिया तो वहीं दूसरी ओर मध्यम और कमजोर श्रेणी के परिवार के बच्चों ने उक्त महाविद्यालय में दाखिला तो लिया परंतु रोजाना महाविद्यालय तक पहुंचने के सुविधा के अभाव में पढ़ाई छोड़ दी। कालेज में कुछ दिनों पूर्व में एक भी प्रोफेसर और प्राचार्य की नियुक्ति नही थी संविदा में प्रोफेसर और प्रभारी प्रचार्य के जरिये संचालित था। कई बार छात्र छात्राओं ने प्रोफेसर, प्राचार्य, संसाधनों कि पूर्ति और छात्रावास खोलने जैसे मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं ने रैली, प्रदर्शन भी किए। अब धीरे धीरे महाविद्यालय की रूप रेखा बदलने लगी।प्रोफेसरों की व्यवस्था के साथ रँगाई,पोताई,अन्य सुविधाएं भी तेजी से बढ़ी।और अब छात्रावास की मांग भी पूरी होती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लियाः अनूप नाग
अनूप नाग विधायक ने कहा कि छात्र-छात्रों की लंबे अरसे से मांग थी कि महाविद्यालय में छात्रावास खोला जाए। इसको गंभीरता से लेते हुए मैंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चर्चा कर निवेदन किया कि मेरे विधानसभा अंतर्गत बच्चे पढ़ाई से वंचित न हो इसके लिए छात्रावास की व्यवस्था की जाए। जिसको गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अपने चौथे बजट में शामिल कर 2 करोड़ तीस लाख रुपये का प्रविधान शामिल किया। अब मेरे विधानसभा अंतर्गत पखांजूर इलाके के बच्चे उच्च शिक्षा बिना किसी परेशानी के ग्रहण कर सकेंगे और अपना भविष्य गढ़ सकेंगे। जिसके लिए हमारी कांग्रेस की सरकार सदैव अग्रणी है।
फैसला काबिले तारीफः राजेश
आदिवासी छात्र युवा संगठन के अध्यक्ष राजेश नुरूटी ने कहा कि पखांजूर में स्थित महाविद्यालय में छात्रावास की व्यवस्था करना वाकई क्षेत्र के छात्र छात्राओं के लिए बहुत बड़ी सौगात है। छात्रवास के बनने से अब उच्च शिक्षा करने में क्षेत्र के युवाओं को काफी सुविधा होगी।क्षेत्र के युवाओं के बारे में इतना सोचने के लिए विधायक अनूप नाग और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह फैसला निश्चित ही काबिले तारीफ है।
उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगेः रोशन बढ़ाई
एबीवीपी विभाग सह संयोजक के रोशन बढ़ाई ने कहा कि पखांजूर महाविद्यालय में छात्रावास का निर्माण होने पर निश्चित तौर पर क्षेत्र के छात्र छात्राओं को फायदा होगा, छात्र-छात्राएं बेहतर और बिना किसी परेशानी के उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। भूपेश बघेल की सरकार ने पखांजूर इलाके के छात्र छात्राओं के लिए लिया गया यह फैसला वाकई काबिले तारीफ है। उम्मीद है जल्द ही बाकी मांगें और सुविधाओं की पूर्ति की जाएगी।
वरदान साबित होगाः अभिक
एनएसयूआइ पखांजूर के अध्यक्ष अभिक भट्टाचार्य ने कहा कि विधायक अनूप नाग ने पखांजूर इलाके के छात्र छात्राओं की समस्या को समझा और मुख्यमंत्री से बात कर इसका समाधान किया। पखांजूर महाविद्यालय में छात्रावास के बनने से निश्चित ही छात्र छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा।

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