
वेदांता प्लांट हादसे पर एनएफआईयू का कड़ा रुख: उच्चस्तरीय जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और 50 लाख मुआवजे की मांग
सक्ती, 25 अप्रैल 2026। सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे को लेकर नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (NFIU) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
“यह हादसा नहीं, गंभीर लापरवाही”
एनएफआईयू की जिला सक्ती इकाई द्वारा बिलासपुर संभाग के कमिश्नर सुनील जैन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यह घटना मात्र दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हादसे में अब तक 23 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें किस्मत अली (निवासी सिंगरौली) सहित कई मजदूर शामिल हैं।
मेंटेनेंस और सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
संगठन ने आरोप लगाया है कि बॉयलर ब्लास्ट सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों और नियमित मेंटेनेंस की अनदेखी को दर्शाता है। ऐसे में प्लांट प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
मुख्य मांगें
- दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी
- मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी
- सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी द्वारा वहन किया जाए
- जिले के सभी पावर प्लांट्स का सुरक्षा ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
- पीड़ितों को न्याय और मुआवजा मिलने तक संबंधित यूनिट का संचालन बंद किया जाए
ज्ञापन कई अधिकारियों को भेजा गया
संगठन ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, श्रम आयुक्त तथा जिला कलेक्टर सक्ती को भी भेजी है और जल्द कार्रवाई की मांग की है।


