शंकराचार्यजी के सान्निध्य में चौथी बार खुले बद्रीनाथ मंदिर के कपाट

बद्रीनाथ धाम – ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद‌ सरस्वतीजी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के बीच आज बैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन तय मुहुर्त में सुबह सवा छह बजे पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारम्परिक वाद्य यंत्रों और सेना के बैण्ड की मधुर धुनों के बीच विधि विधान से पूजा पाठ कर चार धामों में से विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी के साथ चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो गया , क्योंकि इसके पहले 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के द्वार खोले गये थे और इसके बाद 2अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिये खोल दिये गये।‌‌‌ कपाट खुलने के दौरान धाम भगवान बद्री विशाल के जयकारों के गूंज उठा और मंत्रोच्चारण से चारों तरफ का वातावरण भक्तिमय बन गया। इस दौरान पूरे धाम को पच्चीस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था , जो आकर्षण का केन्द्र रहा। इसमें भी खास बात यह रही कि पहली बार फूलों की सजावट के जरिये ‘ओम लक्ष्मीपति नमो’ , ‘जय श्री बद्री नारायण’ और ‘बैकुंठाय नमो’ जैसे पवित्र संदेश भी फूलों से उकेरे गये थे जो श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया , जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आये श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।‌ इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन किये। अब अगले छह महीने तक श्रद्धालु मंदिर में भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की अवसर पर लगातार चौथी बार उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये और कहा कि बड़े उल्लास और उत्साह के साथ लोग दर्शन कर रहे हैं , हमने भी भगवान का दर्शन किया और बहुत ही अच्छा वातावरण है। शंकराचार्यजी ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने के बाद सभी सनातन धर्मावलम्बी अगले छह माह तक भगवान बद्री विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ लेकर अपना जीवन धन्य बना सकते हैं।

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