शेड्यूल‘के’ में संशोधन के सरकार के निर्णय का एआईओसीडी ने किया स्वागत; सभी हितधारकों से परामर्श कर व्यापक समीक्षा की मांग

मुम्बई=ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट (AIOCD) ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिनांक 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना G.S.R. 477(E) का स्वागत किया है, जिसके माध्यम से ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची ‘के’ (Schedule K) के क्रमांक 13 की मद (7) में “खांसी (Cough) हेतु सिरप” शब्द को हटाया गया है।

एआईओसीडी बहुत लंबे समय से सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाता रहा है कि अनुसूची ‘के’ के प्रावधानों का कुछ संस्थाओं, विशेष रूप से ई-फार्मेसी एवं अन्य माध्यमों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप औषधियों की बिक्री एवं आपूर्ति ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम तथा नियमों में निहित सुरक्षा प्रावधानों की भावना के विपरीत हो रही है। संगठन लगातार अनुसूची ‘के’ की व्यापक समीक्षा एवं संशोधन की मांग करता रहा है ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके तथा रोगी सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाया जा सके।

ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 तथा उसके अंतर्गत समय-समय पर संशोधित नियमों के अनुसार भारत में औषधि खुदरा व्यापार का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। देशभर में लाइसेंसधारी केमिस्ट दुकानों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि चिकित्सकों एवं क्लीनिकों द्वारा अनुसूची ‘के’ के अंतर्गत औषधियों के भंडारण एवं वितरण की छूट को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा इसे पर्याप्त रूप से सीमित किया जाए। इसलिए अनुसूची ‘के’ की व्यापक समीक्षा एवं तत्काल संशोधन समय की आवश्यकता है, जिससे दुरुपयोग पर रोक लगे, समान अवसर सुनिश्चित हो तथा जनस्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

इस संशोधन का स्वागत करते हुए एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि यह निर्णय औषधियों के उत्तरदायित्वपूर्ण वितरण को सुनिश्चित करने तथा पिछले कुछ वर्षों में सामने आए नियामकीय दुरुपयोग एवं खामियों को दूर करने की दिशा में एक सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने आगे कहा कि यद्यपि यह संशोधन एक अच्छी शुरुआत है, फिर भी अनुसूची ‘के’ की विस्तृत एवं समग्र समीक्षा की तत्काल आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से आग्रह किया कि नियामक प्राधिकरणों, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों, केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठनों, रोगी समूहों तथा उद्योग जगत सहित सभी हितधारकों से परामर्श कर अनुसूची ‘के’ का व्यापक पुनरीक्षण किया जाए।

एआईओसीडी का मानना है कि ड्रग्स नियमों के अंतर्गत दी जाने वाली किसी भी छूट का मूल उद्देश्य रोगी सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य होना चाहिए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट (AIOCD) सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि औषधियों का वितरण केवल वैधानिक एवं अधिकृत माध्यमों से ही हो तथा सभी लागू कानूनों एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन किया जाए।

नवीनतम संशोधन के मद्देनज़र एआईओसीडी ने देशभर की अपनी सभी सदस्य संस्थाओं को भी परामर्श जारी किया है कि वे औषधियों की बिक्री से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा विशेष रूप से खांसी की सिरप एवं अन्य प्रिस्क्रिप्शन औषधियों के वितरण में अत्यधिक सावधानी बरतें।

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