सुशासन तिहार 2026: बस्तर की तस्वीर बदल रहे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कोंडागांव-बीजापुर में करोड़ों की सौगात

रायपुर/बस्तर: छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बस्तर संभाग दौरा विकास की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कोंडागांव, बीजापुर और नारायणपुर के दुर्गम इलाकों में पहुंचकर न केवल करोड़ों के विकास कार्यों का तोहफा दिया, बल्कि ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को धरातल पर उतारा।

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कोंडागांव को 152 करोड़ की बड़ी सौगात

कोंडागांव के बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने 152 करोड़ 18 लाख रुपये के 43 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें मुख्य रूप से सड़क, पुल-पुलिया, विद्युत और सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी।

डिजिटल क्रांति से जुड़ी ग्रामीण सेवाएँ

मुख्यमंत्री ने ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ का निरीक्षण किया। ‘सेवा सेतु’ मॉडल के जरिए अब ग्रामीणों को 400 से अधिक सरकारी सेवाएं—जैसे बैंकिंग, बीमा और प्रमाण पत्र—घर के पास ही उपलब्ध हो रही हैं। यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को बस्तर के अंतिम छोर तक ले जा रही है।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका मिशन

बीजापुर के चेरपाल में मुख्यमंत्री ने महिला समूहों के लिए एक बड़ा कदम उठाया। ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना’ के तहत महिला समूहों को सवारी वाहन भेंट किए गए। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र में परिवहन सुविधा भी बेहतर होगी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का संकल्प

नारायणपुर के अबूझमाड़ जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने जनचौपाल लगाकर सीधे ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा, कोण्डापल्ली में नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे दंपत्ति से मुलाकात कर उनके आत्म-निर्भर होने के साहस की प्रशंसा की।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ

शिविरों में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल और मछली पालकों को आधुनिक संसाधन वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर का विकास अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता के साथ इसे गति दी जा रही है।

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