सूरजपुर : मुख्यमंत्री साय ने दी 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, प्रेमनगर के लिए भी बड़ी घोषणाएं
सूरजपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। बुधवार, 28 अक्टूबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से उन्होंने प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में आभासी माध्यम से 63 पूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और 54 नए कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की।
24.29 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण, 208.20 करोड़ का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूरे हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। वहीं, 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत वाले 54 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इन कार्यों से जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
प्रेमनगर के लिए 2.70 करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में तीन प्रमुख विकास कार्यों की घोषणा की।
- मंगल भवन के पास छतदार परिसर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये।
- आंतरिक खेल परिसर के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये।
- वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जल संरक्षण के 2,212 कार्यों पर खर्च होंगे 130.56 करोड़
जल संरक्षण के क्षेत्र में सूरजपुर जिले की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संचय जनभागीदारी अभियान में जिला प्रदेश में पहले और देश में चौथे स्थान पर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर लगभग 130 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से वर्षा जल का संचयन बढ़ाने, भूजल स्तर में सुधार लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिलेगी।
किसानों के लिए धान खरीदी और सिंचाई सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी की व्यवस्था है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत और सुधार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
महतारी वंदन और जनमन योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया समुदायों को पक्के आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर बढ़ने से वनवासी परिवारों को लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। इससे तेंदूपत्ता संग्रहण पर निर्भर वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिलने की बात कही गई।
उन्होंने बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
घर बैठे सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सेवा सेतु जैसी पहल की गई हैं। इनके माध्यम से शिकायतें दर्ज कराने और विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सूरजपुर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
