स्मार्ट मीटर हटाने की मांग तेज, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी का आरोप, जनआंदोलन की दी चेतावनी
रायगढ़, 20 जुलाई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव ने स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद हजारों उपभोक्ताओं के बिजली बिल चार से पांच गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता आर्थिक संकट का सामना कर रही है।
बढ़ते बिजली बिलों से परिवारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
शाखा यादव ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के दौर में आम व्यक्ति बड़ी मुश्किल से 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह कमा पाता है। ऐसे में यदि 3 से 4 हजार रुपये बिजली बिल में खर्च हो जाएं, तो परिवार के लिए राशन, इलाज, दवाइयों और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन हो जाता है।
सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप
उन्होंने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाकर उनके अधिकारों का हनन किया है। उनका कहना है कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर नहीं चाहता, तो उसकी इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विद्युत अधिनियम-2003 के तहत मीटर का चयन उपभोक्ता की स्वैच्छिक सहमति पर आधारित है।
महतारी वंदन योजना का भी किया उल्लेख
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर के जरिए बढ़े हुए बिजली बिलों से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
अन्य राज्यों का दिया उदाहरण
शाखा यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उनका दावा है कि कई स्थानों पर सरकारों को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में भी लोग इस व्यवस्था के विरोध में आवाज उठा रहे हैं।
जनआंदोलन की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया और बढ़े हुए बिजली बिलों का समाधान नहीं किया, तो जिला कांग्रेस व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार से की यह मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने, उपभोक्ताओं को पुराने मीटर का विकल्प देने तथा बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष समीक्षा कर आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की।



