हत्या के मामले में दो आरोपी दोषमुक्त, न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश शर्मा ने सुनाया फैसला
रायपुर, 20 अगस्त 2026। वर्ष 2024 में थाना मंदिर हसौद क्षेत्र के ग्राम बाहनाकाकुड़ी में हुई हत्या के मामले में न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश शर्मा द्वारा आज दिनांक 20 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 26 नवंबर 2024 को ग्राम बाहनाकाकुड़ी के एक खाली प्लॉट के पास रमेश उर्फ फरसत को मृत अवस्था में पाए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के दौरान सिर के पीछे कठोर वस्तु से चोट तथा संघर्षात्मक चोट के कारण मृत्यु होना सामने आया।
पुलिस विवेचना में संदेह के आधार पर किशन राजपूत पिता बरात राजपूत, उम्र लगभग 20 वर्ष तथा रोशन ध्रुव उर्फ शिवम पिता मधवा ध्रुव, उम्र लगभग 19 वर्ष को आरोपी बनाया गया। प्रकरण में एक अपचारी बालक का भी उल्लेख विवेचना के दौरान किया गया था। पुलिस द्वारा कथित मेमोरेंडम कथन एवं घटना में प्रयुक्त वस्तुओं की जब्ती को अभियोजन साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी, रायपुर ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन के साक्ष्यों, बयानों तथा विवेचना में सामने आई कमियों और विरोधाभासों को न्यायालय के समक्ष प्रमुखता से रखा। बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि अभियोजन आरोपियों के विरुद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा।
समस्त मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के पश्चात माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री शैलेश शर्मा ने दिनांक 20 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
न्यायालय के इस निर्णय से दोनों आरोपियों एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। प्रकरण में बचाव पक्ष की ओर से *अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी*, रायपुर ने पैरवी की।











