1 नवंबर से बदले कई नियम: LPG, GST, पेंशन और म्यूचुअल फंड से जुड़े बदलाव, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर
नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुए हैं। इनमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की मासिक समीक्षा, पेंशनधारकों के जीवन प्रमाण पत्र, जीएसटी प्रावधान, म्यूचुअल फंड निवेश और बैंक क्रेडिट कार्ड के शुल्क शामिल हैं। इसके अलावा आयकर रिटर्न और टोल पास से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं 1 नवंबर से क्या-क्या बदला है।
1. पेंशनधारकों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि
सरकारी पेंशन पाने वाले 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनधारक 1 नवंबर से 30 नवंबर तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनधारकों के लिए यह सुविधा 1 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।
पेंशनधारक बैंक शाखा में जाकर या डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। समय पर प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है, ताकि पेंशन भुगतान में परेशानी न हो।
2. म्यूचुअल फंड निवेश में बदलाव
म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। डिजिटल निवेश मंचों पर डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प के रूप में दिखाने की व्यवस्था की गई है।
डायरेक्ट प्लान में वितरक का कमीशन शामिल नहीं होता, इसलिए इसका खर्च अनुपात सामान्यतः रेगुलर प्लान से कम रहता है। निवेशक अपनी जरूरत और जानकारी के अनुसार दोनों विकल्पों में से चुनाव कर सकते हैं।
3. जीएसटी के नियमों में संशोधन
जीएसटी से जुड़े कुछ प्रावधानों में 1 नवंबर से बदलाव लागू हुए हैं। इनमें बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट, क्रेडिट नोट और जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इन बदलावों का असर कारोबारियों और करदाताओं पर पड़ सकता है। विशेष रूप से छूट और इनपुट टैक्स क्रेडिट के समायोजन से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
4. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 नवंबर को भी कीमतों की समीक्षा की गई है।
घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव का सीधा असर परिवारों के रसोई बजट पर पड़ता है। वहीं, व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में बदलाव से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबार प्रभावित होते हैं।
5. पीएनबी क्रेडिट कार्ड के शुल्क में बदलाव
पंजाब नेशनल बैंक ने अपने कुछ वीजा और रुपे क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले शुल्कों में बदलाव किया है।
- एटीएम से नकदी निकालने पर निर्धारित दर के अनुसार शुल्क लगेगा।
- क्रेडिट कार्ड का बकाया समय पर जमा नहीं करने पर विलंब शुल्क देना पड़ सकता है।
- बिजली, पानी और गैस जैसे उपयोगिता बिलों के निर्धारित सीमा से अधिक भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
इसलिए पीएनबी क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपने कार्ड पर लागू नए शुल्कों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
6. इंडसइंड बैंक के कुछ खातों पर अतिरिक्त शुल्क
इंडसइंड बैंक ने कुछ चुनिंदा बचत खातों के लिए असफल लेनदेन और चेक वापसी से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया है।
खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण भुगतान या एटीएम लेनदेन असफल होने पर निर्धारित शुल्क लग सकता है। इसके अलावा कुछ परिस्थितियों में चेक वापस होने पर भी शुल्क देना पड़ सकता है।
7. आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ी
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ऑडिट कराने वाले पात्र कारोबारियों और पेशेवरों के आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है।
यह राहत सभी करदाताओं के लिए नहीं है। इसका लाभ निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आने वाले करदाताओं को ही मिलेगा।
8. टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों के लिए वार्षिक पास
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए स्थानीय वार्षिक पास की व्यवस्था भी चर्चा में है। इसके लिए वाहन पर वैध फास्टैग होना जरूरी है।
बताई गई व्यवस्था के अनुसार, संबंधित टोल प्लाजा के लिए वार्षिक पास की फीस स्थान के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। वाहन मालिकों को आवेदन से पहले आधिकारिक नियमों और शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नवंबर में पेंशनधारक 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना न भूलें। बैंक ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड और बचत खाते पर लागू शुल्कों की जानकारी लें। म्यूचुअल फंड निवेशक डायरेक्ट और रेगुलर प्लान का अंतर समझें। वहीं, कारोबारियों और पात्र करदाताओं को जीएसटी तथा आयकर से जुड़े नए प्रावधानों का ध्यान रखना चाहिए।
