17 करोड़ के स्नेक बाइट मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई
डॉ. प्रियंका सोनी समेत चार आरोपी गिरफ्तार, 16 मामलों की जांच जारी
बिलासपुर, 20 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित स्नेक बाइट (सर्पदंश) मुआवजा घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिम्स में पदस्थ रहीं डॉ. प्रियंका सोनी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एसडीएम कार्यालय के दो क्लर्क नरेंद्र कौशिक और गरीब राम बिंझवार तथा तहसीलदार कार्यालय के क्लर्क हरिशंकर राठौर शामिल हैं।
17 करोड़ से अधिक के फर्जी मुआवजे का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, फर्जी सर्पदंश मामलों की रिपोर्ट तैयार कर 17 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक का सरकारी मुआवजा हासिल किया गया। फिलहाल इस घोटाले से जुड़े 16 मामलों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
विधानसभा में मामला उठने के बाद शुरू हुई जांच
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। इसके बाद राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे।
आंकड़ों में सामने आया बड़ा अंतर
जांच में पता चला कि पिछले तीन वर्षों में जशपुर जिले में सर्पदंश से 96 मौतें दर्ज हुईं, जबकि अकेले बिलासपुर में 431 मौतें दर्शाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा वितरित कर दिया गया। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
पहले भी सामने आ चुका है फर्जीवाड़ा
इससे पहले वर्ष 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई एक मौत को सर्पदंश बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में भी डॉ. प्रियंका सोनी, मृतक के परिजन और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
मुआवजा योजना का कथित दुरुपयोग
पुलिस के अनुसार, शासन की योजना के तहत सर्पदंश से मृत्यु होने पर चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। आरोप है कि इसी प्रावधान का दुरुपयोग करते हुए सामान्य मौतों को सर्पदंश बताकर सरकारी मुआवजा प्राप्त किया गया। महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की मौत के मामलों में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है।
अन्य डॉक्टर भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों के रडार पर सिम्स के 4 से 5 अन्य डॉक्टर भी हैं, जिन पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का संदेह है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



