27 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया फैसला
छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, परीक्षा सुधार और जवाबदेही पर संसद में चर्चा का मिला भरोसा
नई दिल्ली, 23 जुलाई। नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
तीन प्रमुख मांगों पर मिला लिखित आश्वासन
अनशन समाप्त करने के बाद जारी वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ दो दिन चली बातचीत के बाद उन्हें तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिला है। इनमें आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन शामिल है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर नहीं बनी सहमति
वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रुकवाना और परीक्षा सुधार को लेकर ठोस पहल सुनिश्चित करना था।
जंतर-मंतर पर आंदोलन रहेगा जारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
28 जून से शुरू किया था अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन के दौरान विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर संसद में इस मुद्दे को उठाने का भरोसा दिया था।



