बालको में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया, ‘राष्ट्र निर्माण’ और ‘विकसित भारत’ का लिया संकल्प
बालकोनगर, 17 अगस्त 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर्स की मौजूदगी में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने प्रशासनिक भवन परिसर में ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बाद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजेश सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को दोहराने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि बालको की छह दशक से अधिक की यात्रा देश के औद्योगिक विकास में योगदान की यात्रा रही है।
उन्होंने बताया कि बालको 10 लाख टन वार्षिक एल्यूमिनियम उत्पादन क्षमता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर्स से बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने, निरंतर सीखने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
‘बालको समाचार’ की शुरुआत
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राजेश सिंह ने ‘बालको समाचार’ का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से कोरबा, गेवरा, कुसमुंडा, कटघोरा और दीपका सहित आसपास के क्षेत्रों में बालको की गतिविधियों, विकास कार्यों और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम में बालको की विकास यात्रा और राष्ट्र निर्माण में कंपनी के योगदान पर आधारित एक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।
बालको अस्पताल में मरीजों को बांटे फल
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजेश सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने बालको अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए और उनका हालचाल जाना। इस दौरान मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उनके योगदान के लिए आभार जताया।
बालको का यह स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, औद्योगिक विकास और सामाजिक सरोकारों के साथ ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।











