ED के खिलाफ एलान-ए-जंग! आखिर कौन कर रहा है दबाव की राजनीति?

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहुल गांधी पूछताछ के लिए ED के दफ्तर पहुंचे। कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने पूरे देश में शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय भी दिल्ली में ED कार्यालय के घेराव में शामिल हुए,गिरफ्तारी दी। रायपुर में मोहन मरकाम के साथ कांग्रेस विधायक, नेता और कार्यकर्ता ED कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के जनता के असल मुद्दे उठाने से घबराकर भाजपा केंद्रीय ऐजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। तो भाजपा ने कहा कि ऐसी पूछताछ तो गुजरात में CM रहते नरेंद्र मोदी से भी हुई, तब तो कोई हंगामा ना हुआ। ना आरोप नए हैं, ना हंगामा। लेकिन सवाल ये है कि आखिर दबाव की राजनीति कर कौन रहा है ?

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ईडी के सामने पेशी के विरोध में कांग्रेस ने दिल्ली सहित कई शहरों में शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ ईडी कार्यालय का घेराव किया जिन्हें गिरफ्तार भी किया गया। तो रायपुर में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने ED दफ्तर के सामने बैरिकेड्स पर चढ़कर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को परेशान कर रही है।

ED की कार्रवाई के खिलाफ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन में सड़क पर उतरे. तो दूसरी ओर बीजेपी तंज कर रही है कि कांग्रेस का प्रदर्शन ‘चोर मचाए शोर’ वाली बात है। बीजेपी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछताछ का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहुल गांधी की पेशी और उसे लेकर कांग्रेस की पावर पॉलिटिक्स। जिस तरह से पूरे मामले में दिल्ली से लेकर रायपुर तक माहौल गरमाया, लगता नहीं है मामला जल्द शांत होगा। अब सवाल है कि ED की कार्रवाई में कितना फर्क पड़ता है।

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