11th March 2026
छत्तीसगढ़न्यूज़

10 वर्षों के बाद सारंगढ़ के कांग्रेसी नेता न्यायालय से हुए दोषमुक्त

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*10 वर्षों के बाद सारंगढ़ के कांग्रेसी नेता न्यायालय से हुए दोषमुक्त*
*सूरज तिवारी, घनश्याम मनहर, गोल्डी नायक, पवन अग्रवाल, धीरज यादव को न्यायालय ने किया दोषमुक्त
*भाजपा सरकार में नगर सुराज विरोध का दर्ज था प्रकरण
सारंगढ़ न्यूज़/ सारंगढ़ न्यायालय ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं को 10 वर्ष पूर्व भाजपा सरकार के नगर सुराज अभियान कार्यक्रम के विरोध प्रदर्शन के प्रकरण में दोषमुक्त किया है।
गौरतलब हो कि 10 वर्ष पूर्व भारतीय जनता पार्टी के सरकार के द्वारा नगर सुराज अभियान के तहत कांग्रेसियों के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं के नाम प्रकरण दर्ज की गई थी, जहां 10 वर्षों तक निरंतर कांग्रेसी नेता घनश्याम मनहर सूरज तिवारी, पवन अग्रवाल, युवा तुर्क गोल्डी नायक,  धीरज यादव ने निरंतर न्यायालय में उपस्थिति दी, जहां गवाह बयानों के आधार पर न्यायालय ने सभी को दोषमुक्त कर दिया है। आज न्यायालय में नगर पालिका के उपाध्यक्ष रामनाथ सिदार, मितेंद्र यादव पिछड़ा वर्ग के प्रदेश सचिव जी अरुण निषाद उनके साथ उपस्थित रहे। दोष मुक्त होने पर सारंगढ़ कांग्रेस परिवार ने सभी को बधाई प्रेषित की। उक्त प्रकरण को वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष नन्दे के मार्गदर्शन में अधिवक्ता रवि ने पैरवी की थी। दोष मुक्त होने के बाद सभी कांग्रेसियों ने माननीय न्यायलय न्यायाधीश  व अधिवक्ताओ का आभार जताया है।
*उक्त अवसर पर घनश्याम मनहर ने कहा कि कांग्रेस के लिए जो भी करना पड़े सहना पड़े हम हमेशा करेंगे, कहीं ना कहीं माननीय न्यायालय ने हमे समझा उनका आभार। *कांग्रेसी नेता सूरज तिवारी ने कहा संघर्ष तो काफी लंबे समय नहीं अरसे से किया जा रहा है, इन संघर्षों को आज के समय के युवा मान सम्मान दें यही संघर्ष का सम्मान होगा।
* गोल्डी नायक ने कहा प्रकरण तो दर्ज होते रहते हैं लेकिन उसके लिए निरंतर लंबे वर्षो से संघर्ष करना लंबा इंतजार करना बड़ी परीक्षा है बस पार्टी संगठन के नेता और कार्यकर्ता इन संघर्षों को सम्मान दें, इन की कद्र करें और समझे की यह संघर्ष कितना बड़ा है और लंबे अंदर से संगठन के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की निष्ठा को भी सम्मान दें। धीरज यादव ने कहा 10 वर्षों का संघर्ष और इंतजार आज खत्म हुआ है मन में एक अलग ही खुशी है। बहुत कम ऐसे कार्यकर्ता होते हैं जिन्हें इस तरह न्यायालय में संघर्ष करना पड़ता है। पवन अग्रवाल ने कहा की 10 वर्षों का संघर्ष किसी सजा से कम नहीं था प्रत्येक माह पेशी में आना, घंटों इंतजार करना और खड़े रहना उसके बाद फैसले की घड़ी का यह पढ़ाव बहुत कुछ सिखाता है। हमें खुशी है हमने अपने संगठन के लिए संघर्ष किया।

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