झमाझम वर्षा से सात दिन में पांच मीटर बढ़ा बांगो का जलस्तर

हाइडल प्लांट को 10 के बजाए दो घंटे चलाकर 213 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में दर्री बांध के दायी तट नहर से 493.85 क्यूसेक व बायी तट नहर से 908.55 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दर्री बांध में ऊपरी क्षेत्र से जल बहकर आ रही पानी के कारण चार नंबर गेट को एक फीट खोल कर 1389 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

कोरबा। झमाझम वर्षा का असर बांगो बांध में दिखने लगा है। सात दिन पहले जल स्तर 348.01 था जो अब 353.01 मीटर हो गया है। बांध में अभी 59 फीसद पानी है। यह पूर्ण भराव से 41 फीसद पीछे है। पिछले चार वर्षों से बांध पूरी तरह नहीं भरा है। ऊपरी क्षेत्र कोरिया जिले में हो रही वर्षा से पूर्ण भराव की संभावना है। बांध के पानी भराव क्षेत्र में साल दर साल मड (कीचड़) की परत बढ़ रही है।

जल संसाधन विभाग ने साल भर पहले दिल्ली की (आरसीटी) रिमोर्स सेंसर टेक्निक टीम से सर्वेक्षण कराया था। टीम ने रिपोर्ट दी है कि 40 साल के भीतर 151.3 मिलियन क्यूसेक मीटर जल संग्रहण में कमी आ गई है। समय रहते कीचड़ नहीं निकाली गई तो बांध की भराव क्षमता घटती चली जाएगी। बांगो बाध की कुल जल भराव क्षमता 3046 मिलियन क्यूबिक मीटर है। मिट्टी भराव के कारण क्षमता 2894.70 मिलियन क्यूबिक मीटर हो गई है। बांगो बांध में जल भराव कोरिया जिले में होने वाली वर्षा जल पर निर्भर है।

3.62 लाख हेक्टेयर में होती है सिंचाई

बांगो बांध के पानी से 24 छोटे-बड़े औद्योगिक संयंत्र के अलावा रायगढ़, जांजगीर तीन लाख 62 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में को जलापूर्ति होती है। पानी का उपयोग सिंचाई और उद्योग के अलावा निस्तारी के लिए भी होता। अकेले शहरी क्षेत्र दो बड़े जल आवर्धन योजनाओं से शहर के नौ लाख आबादी को जल आपूर्ति होती है। शहर के अलावा अब उपनगरीय क्षेत्रों व अन्य जिलों में पेयजल निदान के लिए पानी की मांग बढ़ने लगी है।

कृषि रकबा बढ़ने से बढ़ी पानी की मांग

जल खपत होने के पीछे धान फसल के रकबा में वृद्धि होना भी शामिल है। समर्थन मूल्य में धान की खरीदी मिलने से किसानों की खेती के प्रति रूचि बढ़ी है। तीन साल के भीतर अकेले धान के रकबा में कोरबा, जांजगीर और रायगढ़ में 46,000 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। दीगर फसल की तुलना में धान उपज में सर्वाधिक पानी की खपत होती है। मानसून का दौर होने के बावजूद रबी की तुलना में खरीफ के दौरान बांध से पानी छोड़ा जाता है।

फैक्ट फाइल

  • 18,847- हेक्टेयर जल भराव क्षेत्र
  • 359.66- मीटर जल संग्रहण क्षमता
  • 352.93-मीटर वर्तमान जल भराव
  • 2,55,000-हेक्टेयर खरीफ का सिंचित रकबा
  • 1,78,500- हेक्टेयर रबी का सिंचित रकबा
  • 120- मेगावाट जल विद्युत उत्पादन क्षमता

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