
रायगढ़। कोयला खदान की प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध में कोल खदान से प्रभावित किसानों का धरना प्रदर्शन तमनार विकासखंड के लिबरा क्षेत्र में शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। इसी दौरान 27 दिसंबर 2025 को यह प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा, जिसमें ग्रामीणों और पुलिस कर्मियों को चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस कर्मियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान की जा रही है।
वहीं तमनार ब्लॉक के 14 गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि हिंसा की घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार अचानक कुछ असामाजिक और उपद्रवी तत्व कहां से आए और घटना को अंजाम दिया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति की गिरफ्तारी न हो और वास्तविक दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा न जाए।
ग्रामीणों का कहना है की अगजनी, पुलिस और ग्रामीणों में झूमा झपटी हिंसा जैसे अप्रिय एवं निदनीय घटना हुई उसमे बेचारे भोले भाले कई ग्रामीणों को भी गभीर चोट लगी है उनका भी ध्यान देना चाहिए और स्वस्थ्य सेवा मुहिया करना चाहिए




