जशपुर पुलिस ने किया लाखों की चोरी का खुलासा…. अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल 

आईफोन के लालच ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
भतीजी ने ही अपने बॉयफ्रेंड व अन्य साथियों के साथ मिलकर, की थी अपने ही बड़े पिताजी के घर में चोरी
चोरी कर ले लिए थे15 लाख नगद व सोने की ज्वेलरी समेत कुल 51 लाख रु से अधिक का माल
चोरी की पैसे से खरीदी हरियर कार, मनाई पार्टियां
मामले में पुलिस के द्वारा अलग अलग समय में पांच आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार
 पुलिस के द्वारा आरोपियों के कब्जे से 86,300 रु नगद, एक हरियर कार , मंगलसूत्र, सोने की बिस्किट , सोने का कड़ा , व 01 आई फोन, व 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन को किया जा चुका है जप्त
जप्त माल की वर्तमान कीमत लगभग 51 लाख 82 हजार 300रु
मामले से जुड़े अन्य आरोपी फरार, पुलिस ने कर लिया है चिन्हित, पता साजी जारी
आरोपियों के विरुद्ध थाना नारायणपुर में चोरी के लिए 331(4),305(A) के तहत अपराध पंजीबद्ध
नाम गिरफ्तार आरोपी:-1. मिनल निकुंज, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम केराडीह रैनीडांड, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर (छ. ग)।
2. अनिल प्रधान , उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम बासनताला, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर (छ. ग)
3.अभिषेक इंद्रवार उम्र 28 वर्ष, निवासी गोरिया टोली, चौकी मनोरा
4. लंकेश्वर बड़ाईक, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोंडरा, थाना सुरसांग, जिला गुमला (झारखंड)
5. अलीशा भगत उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम बाधर कोना, थाना सिटी कोतवाली जशपुर, जिला जशपुर (छ ग)

मामला जशपुर जिला अंतर्गत थाना नारायणपुर का है जहां दिनांक 06.12.25 को प्रार्थिया सुषमा निकुंज पति विजय कुमार निकुंज उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम केराडीह रैनीडांड थाना नारायणपुर जिला जशपुर ने थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि प्रार्थिया का पुराना घर, थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम केराडीह रैनीडांड में है, व वर्तमान में प्रार्थिया अपने पति व भतीजा (देवर का बेटा) के साथ हाउसिंग बोर्ड कालोनी जशपुर के शासकीय क्वाटर में निवासरत है, केराडीह रैनीडांड में स्थित पुराने घर में, प्रार्थिया का देवर , देवर की पत्नी व प्रार्थिया की सास रहते हैं,। पुराने घर में प्रार्थिया बीच बीच में आती जाती रहती है। प्रार्थिया की देवर की बेटी मिनल निकुंज, जशपुर में ही एक कॉलेज में पढ़ाई करती है, व किराए के मकान में अलग से रहती है, दिनांक 27.08.25 को प्रार्थिया, अपने पति व भतीजे के साथ, अपने पुराने घर रैनीडांड में आई , प्रार्थिया के द्वारा अपने भतीजे के सहयोग से घर के मुख्य दरवाजे में लगे ताला को खोलकर जब अंदर प्रवेश किया गया तो पाया कि घर के अंदर के कमरे का दरवाजे का कुंडा टूटा हुआ था, जब प्रार्थीया कमरे के अंदर जाकर देखी तो पाया कि कमरे में रखे दीवान के अंदर से एक अटैची में रखी लगभग 15 लाख रुपए व सोने का सिक्का व जेवरात चोरी हो गया था, चोरी हुए समान की अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रु से अधिक थी,चूंकि कुछ दिनों पूर्व प्रार्थिया की भतीजी मिनल निकुंज, पुराने घर की साफ सफाई करने, जशपुर से केराडीह रैनीडांड आई थी, अतः प्रार्थिया के द्वारा भतीजी मिनल निकुंज से उक्त संबंध में पूछताछ किया गया, तो उसने बताया कि उसके द्वारा अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के उकसाने पर,अन्य साथियों के साथ मिल कर चोरी को अंजाम दिया गया था। प्रार्थिया के द्वारा रुपए वापस मांगने पर, भतीजी मिनल निकुंज ने रुपए को खर्च करना बताई व आरोपी अनिल प्रधान के साथ कहीं भाग गई है।
चूंकि प्रार्थिया के द्वारा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया गया था, अतः पुलिस के द्वारा थाना नारायणपुर में आरोपिया मिनल निकुंज , अनिल प्रधान व उनके 06 अन्य साथियों के विरुद्ध बी एन एस की धारा 331(4),305(A) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
सभी आरोपी घटना दिनांक से ही फरार थे, पुलिस के द्वारा लगातार उनकी पातासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को मुखबीर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान , जो कि ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड है, रांची झारखंड के एक हॉटल में रुके हुए हैं, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा विशेष टीम गठित कर, उनकी धर पकड़ हेतु, रांची रवाना की गई, जिनके द्वारा रांची से दोनों को हिरासत में लेकर वापस लाया गया। पुलिस के द्वारा उनके पास से एक हरियर कार, जिसे की वे चोरी के पैसे से खरीदे थे, एक आई फोन, एक एंड्रायड मोबाइल, सोने की बिस्किट, सोने की मंगलसूत्र व सोने का कड़ा को भी जप्त किया गया था।
पुलिस की पूछताछ पर पता चला था कि आरोपिया मिनल निकुंज वर्ष 2024 से जशपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर में रहकर कॉलेज की प्राईवेट स्टूडेंट के रूप में पढ़ाई कर रही थी, इसी दौरान जून 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसका परिचय आरोपी अनिल प्रधान के साथ हुआ था, जो कि जशपुर में ही एक किराए के मकान में रहकर एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था, उसी महीने में जशपुर में उनकी मुलाकात हुई, दोनों साथ साथ घूमने फिरने लगे, दोनों में नजदीकियां बढ़ गई, दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे, कुछ दिनों बाद ही दोनों, रानी बगीचा स्थित एक किराए के मकान में, लिव इन में रहने लगे। बीच बीच में आरोपिया मिनल निकुंज, अपने घर केराडीह आती जाती रहती थी। माह अप्रैल 2025 में आरोपिया मिनल निकुंज, केराडीह रैनीडांड अपने घर गई हुई थी, इसी दौरान आरोपिया मिनल निकुंज की दादी के कहने पर, वह अपने बड़े पिताजी की बेड रूम की साफ सफाई करने गई, साफ सफाई कर रही थी, तभी कमरे में रखे, दीवान के अंदर उसे अटैची दिखा , जिसे खोलने पर उसमें काफी मात्रा में रुपए था, जिसमें से आरोपिया मिनल निकुंज के द्वारा आई फोन खरीदने हेतु कुछ नोट के बंडल को निकाल लिया गया, फिर अटैची को वापस रख दिया गया था, रुपए के बंडल को लेकर वह वापस जशपुर आ गई, व आरोपी अनिल प्रधान को उक्त संबंध में बताया, गिनने पर उसमें दो लाख रु था, जिसे मिनल निकुंज व अनिल प्रधान के द्वारा, जशपुर के ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर, घूमते फिरते, खा पीकर खर्च कर दिया गया। फिर छ -सात दिन के बाद आरोपिया पुनः अपने घर केराडीह रैनीडांड गई, और अपनी दादी के पास से अपने बड़े बड़े पिताजी की रूम की चाभी को चुराकर, पुनः अटैची से लगभग तीन लाख रुपए निकालकर जशपुर आ गई, जिसे भी उसके द्वारा, अनिल प्रधान व अपने अन्य साथियों के साथ, घूम फिर कर, पिकनिक मना कर खर्च कर दिया गया। घर वालों में किसी को भी उक्त घटना के बारे में पता नहीं था। चोरी की रकम के बारे में घर वालों को पता नहीं चलने पर आरोपिया मिनल निकुंज की हिम्मत बढ़ गई, व लालच में आकर, अपने बॉयफ़्रेंड अनिल प्रधान के उकसावे में वह पुनः दिनांक 20.05.25 को केराडीह गई , इस बार भी अपनी दादी के पास से कमरे की चाभी चुराकर, पूरा सूटकेस लेकर स्कूटी से आधे रास्ते तक आई, रास्ते में एक कार में उसका बॉय फ्रेंड अनिल प्रधान व अन्य साथी भी थे, जो कि सूटकेस लेकर वापस जशपुर लौट आए, फिर आरोपिया मिनल निकुंज भी जब वापस जशपुर के किराए के मकान में आई, तब वहां आरोपी अनिल प्रधान व 06 अन्य साथियों के जब सूटकेश को तोड़कर देखा तो पाया कि उसमें 15 लाख रु नगद था व सोने के बिस्किट, व जेवरात थे, चूंकि 21.05.25 को आरोपिया मिनल निकुंज का जन्म दिन था, अतः उसका जन्म दिन मनाने सभी आरोपी रुपए लेकर, रायपुर चले गए, फिर वहां के एक विला को बुक कराकर, दो दिनों तक मौज मस्ती किए, दो दिनों में ही उनके द्वारा 05 लाख रुपए से अधिक राशि को खर्च कर दिया गया था, उसके बाद सभी आरोपी सोने की बिस्किट को बेचने के लिए, राउरकेला उड़ीसा चले गए, वहां कुछ सोने की बिस्किट को बेचे, जहां उन्हें 08 लाख रु मिले. उससे मिली रकम को आपस में बंटवारा कर लिए, शेष सोने की बिस्किट को सूटकेस में रखकर, रानी बगीचा जशपुर स्थित अपने किराए के घर में छुपाकर रख दिया गया था, इसी दौरान फिर आरोपिया मिनल निकुंज , आरोपी अनिल प्रधान व उसके साथियों के द्वारा देश देखा जशपुर में पार्टी मनाई गई थी, पार्टी के दौरान आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान तथा एक अन्य साथी को छोड़कर, शेष आरोपी काम का बहाना बनाकर वापस जशपुर लौट गए थे, शाम को जब आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान तथा उसका साथी वापस अपने रानी बगीचा जशपुर स्थित किराए के मकान में आए, तो पाया कि उनके द्वारा घर में छुपाकर रखे सूटकेश के माल को किसी के द्वारा चुराकर ले जाया गया था। आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान के द्वारा चोरी की रकम से लगभग 25 लाख रुपए कीमत का हरियर कार भी खरीदा गया था, इसी दौरान आरोपिया मिनल निकुंज के घर वालों को चोरी का पता चलने पर सभी आरोपी फरार हो गए थे। रिपोर्ट के पश्चात पुलिस के द्वारा सभी फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही थी। इसी दौरान जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा दिनांक 14.12.25 को रांची के होटल से आरोपिया मिनल निकुंज व उसके बॉयफ्रेंड आरोपी अनिल प्रधान को हिरासत में लेकर वापस लाया गया था।
पुलिस की पूछताछ पर आरोपी अनील प्रधान व आरोपिया मिनल निकुंज के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें, दिनांक 14.12.25 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
चूंकि पुलिस के द्वारा चोरी में शामिल सभी अन्य आरोपियों को चिन्हित कर लिया गया था, जो कि फरार थे, जिनकी पता साजी जारी थी, इसी दौरान पुलिस की टेक्निकल टीम व मुखबिर की सूचना पर मामले से जुड़े अन्य आरोपी क्रमशः 1. अभिषेक इन्दवार उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गोरिया टोली चौकी मनोरा को दिनांक 16.12.25 को जशपुर से,02. लंकेश्वर बड़ाईक उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कोंडरा थाना सुरसांग जिला गुमला को दिनांक 17.12.25 को जशपुर से व 03. आरोपिया अलीशा भगत उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम बाधर कोना जशपुर को दिनांक 23.12.25 को ढूंढ कर हिरासत में लिया गया था व विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
पुलिस के द्वारा चोरी के सामान की बरामदगी हेतु उक्त सभी पांचों आरोपियों का दिनांक 07.1.26 से 08.01.26 तक, माननीय न्यायालय से, पुलिस रिमांड लिया गया था, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशान देही पर, पुलिस को हरियर गाड़ी में छुपाकर रखे गए,50 ग्राम व 20 ग्राम का अलग अलग, सोने का बिस्किट मिला, जिसे भी पुलिस के द्वारा गवाहों के समक्ष जप्त कर लिया गया है।
इस प्रकार पुलिस के द्वारा अब तक आरोपियों के कब्जे से, एक हरियर कार,,01 सोने का कड़ा, 100 ग्राम,50 ग्राम व 20 ग्राम के सोने के तीन बिस्किट,01 मंगलसूत्र,86,300 रु नगद व 1 आई फोन ,04 एंड्रॉयड फोन सहित कुल 05 मोबाइल फोन को जप्त किया गया है। जप्त माल की वर्तमान कीमत लगभग 51 लाख 82 हजार 300 रु है।
पुलिस के द्वारा अन्य फरार आरोपियों को भी चिह्नित कर लिया गया है, जिनकी पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी तथा चोरी की माल की बरामदगी में साइबर सेल जशपुर से निरीक्षक संत लाल आयाम, थाना प्रभारी नारायणपुर उप निरीक्षक राजकुमार कश्यप,सहायक उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी व प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा , थाना नारायणपुर से प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक अशोक कंसारी, अविनाश सोनी व महिला आरक्षक अलमा खाका की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि नारायणपुर क्षेत्र में एक घर से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, उनके कब्जे से कार , नगद,सोने की बिस्किट व अन्य आभूषण सहित 51 लाख रुपए से अधिक कीमत के माल को बरामद कर लिया गया है, शेष फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

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