
शशि गुप्ता आपकी आवाज पुसौर
पुसौर । टोकन कटाने के नाम पर तहसील और सोसायटी का चक्कर लगाते लगाते परेषान हुये किसानों ने बिते दिनांक को तहसील न्यायालय पुसौर के पास सैकडों किसानों ने चक्का जाम किया और लगभग 2 घंटे तक आवागमन बंद होने से पुलिस और तहसील के लोग मौके पर पहुंचे तब तक किसान गण नारा लगाते लगाते थक चुके थे वहीं रोड के दोनों ओर दर्जनों की संख्या मे भारी वाहन जाम हो गये थे।
ज्ञात हो कि धान खरीदी कार्य 31 जनवरी तक ही चलेगा इसके बाद किसान धान नहीं बेच पायेंगे इसलिये किसानों ने यह रास्ता अपनाया ताकि वे अपना धान समय पर बेच सकें। धरना स्थल पर जैसे ही नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा पहुंचे इन्हौने सबको कार्यालय में बुलाये जिसमें कृशक गण रोड पर ही टोकन वाले कार्यवाही करने की सुझाव दिया जिस पर टीआई रामकिंकर उपाध्याय एवं उनके टीम के लोगों ने किसानों को समझाईष दिया जिससे सभी किसान कार्यालय पहुंचे और वहां लाईन लगाते हुये बारी बारी से उनके टोकन वाले आवेदन के कार्यवाही को आगे बढाया गया।
इसमें किसानों का यह कहना है कि तहसील से टोकन की कार्यवाही आगे तो बढ गया अब सोसायटी में फिर से पापड बेलना पडेगा चूंकि आवेदनों में लिखा गया है कि नियमानुसार टोकन काटा जाय। अब सोसायटी में प्रबंधक पटवारी आरईओ व जिला के नोडल अधिकारी बैठे हैं जिन्हें रकबा समर्पण करवाने की हिदायद दी गई है। ऐसे में संदेह बना हुआ है कि तहसील के इस आदेष पर रकबा अनुसार धान बिक्री हो पायेगा या नही।
धरना स्थल पर रहे केनसरा के पुर्व सरपंच व वर्तमान उप सरपंच डनसेना, कोसमंदा के कई गौटिया परिवार, सिहा के पुर्व सरपंच विनोद गुप्ता सहित सैकडों किसानों ने बताया कि षासन द्वारा किये जा रहे धान खरीदी के इतिहास में पहली बार किसानों को अपने धान बेचने के लिये सडक पर उतरना पड रहा है जबकि प्रदेष सरकार अपने को किसान हितैशी करार देते हुये आये दिन अपनी पीठ थपथपाती रहती है।



