
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतीक बताते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में स्पष्ट रोडमैप करार दिया है। उनका कहना है कि यह बजट सुधारों को मजबूत करता है, नारी शक्ति को केंद्र में रखता है और युवाओं के लिए नए अवसर खोलता है। हालांकि, विपक्ष ने इस बजट को लेकर तीखी आपत्ति जताई है और इसे “फीका”, “दिशाहीन” और “राजनीतिक” बताया है।
कब, कैसे और कितना बड़ा है बजट?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट 2026-27 पेश किया। यह कर्तव्य भवन में प्रस्तुत किया गया पहला केंद्रीय बजट है।
कुल बजट आकार: 53.5 लाख करोड़ रुपये
पूंजीगत व्यय (Capex): 12.2 लाख करोड़ रुपये
राजकोषीय घाटा: GDP का 4.3% (पिछले वर्ष 4.4%)
सरकार का दावा है कि बजट विकास, रोजगार सृजन और राजकोषीय अनुशासन के संतुलन पर आधारित है।
आर्थिक प्रावधान: विकास और निवेश पर फोकस (Why it matters)
बजट में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और हरित ऊर्जा को गति देने के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
शहरी विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष
बायोफार्मा सेक्टर को 10,000 करोड़ रुपये
17 कैंसर दवाएं सस्ती करने की घोषणा
एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ का वृद्धि कोष, क्रेडिट गारंटी दोगुनी
सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कर सुधार और आम जनता पर असर (How it affects people)
आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं
नया आयकर अधिनियम अप्रैल 2026 से लागू होगा
F&O पर STT बढ़ाकर 0.05–0.15%
विदेश यात्रा व शिक्षा पर TCS 2%
सरकार के अनुसार इन उपायों से कर व्यवस्था सरल होगी और उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहन मिलेगा।
राजनीतिक संदेश: किसे साधने की कोशिश?
बजट में रोजगार, किसान योजनाएं, स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर देकर सरकार ने ग्रामीण मतदाताओं, युवाओं और एनडीए सहयोगियों को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। चमड़ा उद्योग में 22 लाख रोजगार और मेडिकल सीटों में 10,000 की वृद्धि जैसे आंकड़े इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
विपक्ष का हमला: ‘फीका और दिशाहीन बजट’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बजट को “पूरी तरह फीका” बताया, जबकि सपा नेता अखिलेश यादव ने इसे गरीब-किसान-युवा विरोधी करार दिया।
डिंपल यादव: महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ नहीं
ममता बनर्जी: बंगाल की उपेक्षा, दिशाहीन बजट
शत्रुघ्न सिन्हा: “समझ में नहीं आया”
विपक्ष का आरोप है कि बजट में राज्यों और मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया गया है।
सरकार का जवाब: ऐतिहासिक और समावेशी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को विकसित भारत के संकल्प की मजबूत कड़ी बताया। भाजपा का कहना है कि कैपेक्स, रोजगार और किसान योजनाएं विपक्ष की आलोचना को गलत साबित करेंगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 आर्थिक रूप से पूंजी निवेश और विकास पर केंद्रित दिखाई देता है, जबकि राजनीतिक रूप से यह 2026-29 के चुनावी चक्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया दस्तावेज माना जा रहा है। सरकार इसे विकसित भारत 2047 की नींव बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अपेक्षाओं से कम करार दे रहा है। अंतिम आकलन इस बात पर निर्भर करेगा कि बजट के वादे ज़मीन पर कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से उतरते हैं।




