रायगढ़ में गजराज का आतंक, हाथियों के बढ़ते कहर से सहमा जिला

छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों हाथियों के आतंक से थर्रा उठा है। धरमजयगढ़ वनमंडल के जंगलों में लगातार बढ़ती हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग दिन में भी जंगल जाने से डरने लगे हैं, जबकि रातें भय के साए में कट रही हैं।


चुहकीमार जंगल में दर्दनाक हादसा, लकड़ी लेने गए बुजुर्ग की मौत

धरमजयगढ़ वनमंडल के चुहकीमार जंगल में लकड़ी लेने गए एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की हाथी ने बेरहमी से जान ले ली। यह हादसा जिले में हाथी-मानव संघर्ष की गंभीर तस्वीर पेश करता है और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी करता है।


जंगल में आमने-सामने हुआ सामना, भागने का मौका भी नहीं मिला

मृतक की पहचान गंगाराम सारथी (70 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक गंगाराम रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे जंगल लकड़ी बीनने निकले थे। दोपहर लगभग ढाई बजे उनका सामना एक विशालकाय हाथी से हो गया। अचानक हुए इस टकराव में बुजुर्ग को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला और हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।


जिले में 101 हाथी सक्रिय, आंकड़े बन रहे चिंता की वजह

रायगढ़ जिले में हाथियों की संख्या अब डराने वाले स्तर पर पहुंच चुकी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें रायगढ़ वनमंडल में 59 और धरमजयगढ़ वनमंडल में 42 हाथी सक्रिय हैं।


नर-मादा और शावकों का बड़ा दल, जंगलों में बढ़ी हलचल

हाथियों के दल की संरचना भी चिंता बढ़ाने वाली है। जिले में 32 नर, 48 मादा और 21 शावक हाथी शामिल हैं। वर्तमान में चुहकीमार के जंगलों में ही 12 हाथियों का दल डेरा जमाए हुए है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।


घर-खेत भी नहीं सुरक्षित, दंतैल हाथी का तांडव

हाथियों का कहर अब सिर्फ जान तक सीमित नहीं है। लैलूंगा रेंज में एक दंतैल हाथी ने रातभर उत्पात मचाया। टोंगोटोला, झारआमा, पाकरगांव और सागरपाली गांवों में 5 ग्रामीणों के घर क्षतिग्रस्त कर दिए गए। वहीं प्रेमनगर और कुडेकेला में खड़ी फसलों को रौंद दिया गया और सिंचाई के पाइप भी तोड़ डाले गए।


दहशत में ग्रामीण, वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर

हाथी मित्र दल और वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन हाथियों की भारी संख्या के आगे इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। गांवों में डर का माहौल है और लोग घरों से निकलने से भी हिचक रहे हैं।


जंगल न जाने की अपील, सावधानी बरतने की सख्त हिदायत

वन विभाग ने मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी है। विभाग ने अपील की है कि हाथियों को देखने पर शोर न मचाएं, उनके पास जाने की कोशिश न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि किसी और जानलेवा हादसे को रोका जा सके।

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