
किरंदुल, लौहनगरी किरंदुल में गुरुवार की संध्या भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रही, जब भगवान श्री लिंगेश्वर महादेव जी एवं शिव परिवार की नवीन देव विग्रहों की भव्य शोभायात्रा और मंगल कलश यात्रा ने पूरे नगर को शिवमय कर दिया।
शाम 4 बजे श्रीराम मंदिर से प्रारंभ हुई यह ऐतिहासिक यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर परिसर पहुँची। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित मातृशक्ति द्वारा मंगल कलश धारण कर निकाली गई सुव्यवस्थित झांकी आकर्षण का केंद्र रही। केसरिया व लाल चुनरियों की छटा, भक्ति गीतों की मधुर धुन और अनुशासित कदमों ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखनाद और “हर-हर महादेव”, “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। धर्मध्वज लिए श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शोभायात्रा में शामिल हुए। मार्ग के दोनों ओर खड़े नागरिकों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा व्यापारियों ने भगवान के रथ पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। जगह-जगह आरती, पूजा-अर्चना और श्रीफल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान लिंगेश्वर महादेव एवं शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरों पर श्रद्धा, संतोष और आत्मिक शांति स्पष्ट झलक रही थी।
आयोजन समिति ने जताया आभार
समिति ने इस सफल आयोजन के लिए नगरवासियों, मातृशक्ति, विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों, एनएमडीसी प्रबंधन, नगरपालिका, पुलिस प्रशासन, पत्रकार बंधुओं एवं व्यापारियों के सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
निस्संदेह, यह भव्य शोभायात्रा और मंगल कलश यात्रा आने वाले वर्षों तक किरंदुल की धार्मिक स्मृतियों में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगी।




