
जशपुर (छत्तीसगढ़) – जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ एक व्याख्याता को छात्रों को धार्मिक पुस्तकें वितरित करने और लगातार अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
कलेक्टर की जांच में सामने आईं अनियमितताएं
जिला कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में संबंधित व्याख्याता के खिलाफ कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक नियमित रूप से विद्यालयीन समय में अनुपस्थित रहते थे और बिना पूर्व सूचना अथवा अवकाश आवेदन के स्कूल से गैरहाजिर पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि व्याख्याता कई बार अध्यापन कार्य छोड़कर विद्यालय से बाहर चले जाते थे। इसके अतिरिक्त शिक्षक दैनंदिनी (टीचर डायरी) तैयार न करना, निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण न करना तथा अनुपस्थिति के बावजूद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करना जैसी लापरवाहियां भी दर्ज की गईं।
कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं
प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्रों के संबंध में भी व्याख्याता का रवैया असहयोगात्मक पाया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि संबंधित शिक्षक ने नोटिस की प्राप्ति अभिस्वीकृति देने से भी इंकार किया। प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता और सेवा आचरण नियमों की अवहेलना माना।
धार्मिक पुस्तक वितरण बना संवेदनशील मुद्दा
जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बाइबल की छोटी पुस्तकें वितरित करना रहा। प्रशासनिक रिपोर्ट में कहा गया है कि शासकीय विद्यालय के शिक्षक द्वारा इस प्रकार धार्मिक सामग्री का वितरण सेवा आचरण के दायरे में गंभीर विषय है।
आदेश में उल्लेख किया गया कि यह कृत्य सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और नियम-7 के विपरीत माना गया है, जो शासकीय कर्मचारियों से निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा की अपेक्षा करते हैं।
डीपीआई ने जारी किया निलंबन आदेश
कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के संचालक ऋतुराज रघुवंशी द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश के तहत व्याख्याता दीपक तिग्गा, व्याख्याता (एल.बी.), शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई, विकासखंड फरसाबहार, जिला जशपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा।




