
तेहरान: ईरान में अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर हमलों के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। Iranian Red Crescent Society ने Mehr News Agency को दिए बयान में बताया कि देश के 31 में से 24 प्रांत इन हमलों से प्रभावित हुए हैं। अब तक 201 लोगों की मौत और 747 के घायल होने की पुष्टि की गई है।
रेड क्रिसेंट के प्रवक्ता मोक्ताबा खालेदी के अनुसार, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि राहत एवं बचाव कार्य अभी जारी हैं।
तेहरान समेत कई शहरों में धमाके
राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कई स्थानों पर धुआं उठता देखा गया और नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ कुछ नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। एक लड़कियों के स्कूल पर हमले की खबर ने व्यापक आक्रोश पैदा किया है।
रेड क्रिसेंट ने बताया कि प्रभावित इलाकों में 220 से अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं, जो घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मलबा हटाने में जुटे हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान सरकार ने इन हमलों को “अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त आक्रामकता” करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागे जाने की खबर है।
अमेरिका और इज़राइल का पक्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस अभियान को “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” बताया और कहा कि इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने ईरानी जनता से अपने शासकों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।




