
महासमुंद में युवक की हत्या का खुलासा, बहन को भगाने की रंजिश में की गई वारदात
महासमुंद। जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बहन को घर से भगाने की पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या की गई। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम कुसमी निवासी 23 वर्षीय चितरंजन पटेल कुछ वर्ष पहले आरोपी की बहन को अपने साथ मुंबई ले गया था। वहां दोनों एक परिचित युवक के घर पर रह रहे थे। इसी दौरान युवती की नजदीकियां चितरंजन के दोस्त से बढ़ गईं और बाद में वह गर्भवती हो गई। इस घटनाक्रम के बाद चितरंजन अकेले गांव लौट आया था।
बताया जा रहा है कि युवती के परिवार वाले इस पूरे मामले से नाराज थे और लंबे समय से बदला लेने की फिराक में थे। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी।
घटना 15 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक चितरंजन एक शादी समारोह से बाइक पर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने रास्ते में उसे रोक लिया। इसके बाद उसे सुनसान इलाके की ओर ले जाकर डंडों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपियों ने उसके चेहरे पर पत्थर से वार कर हत्या कर दी।
पुलिस का कहना है कि वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी। शव को बिजली खंभे के पास छोड़ दिया गया था, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। हालांकि जांच के दौरान हत्या की पुष्टि हुई।
कोमाखान पुलिस ने मामले में आरोपी दीपेश साहू और कुंजन साहू को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल बन गया था। ग्रामीणों और परिजनों ने थाना पहुंचकर पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव भी मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए शासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की।
मामले में अस्पताल की रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से कार्रवाई में देरी हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।


