भारतमाला मुआवजा अनियमितता मामले में ईडी की कार्रवाई, जमीन कारोबारी गिरफ्तार

रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभनपुर के एक जमीन कारोबारी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार भारतमाला परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में कथित रूप से बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि भूमि के स्वरूप और आकार में बदलाव कर अधिक मुआवजा प्राप्त करने की योजना बनाई गई, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

जमीन के टुकड़े कर बढ़ाया गया मुआवजा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाली जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर मुआवजा नियमों का लाभ उठाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से वास्तविक पात्रता से कहीं अधिक राशि प्राप्त की गई।

मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच

ईडी का कहना है कि कथित रूप से प्राप्त राशि को विभिन्न निवेश माध्यमों में लगाया गया। जांच में शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध आय का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया।

एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

मामले की जांच राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज प्रकरण के आधार पर शुरू की गई थी। इसके बाद ईडी ने धन शोधन के पहलुओं की जांच अपने स्तर पर प्रारंभ की।

कई ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी

इस मामले में इससे पहले भी विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है। जांच के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए थे, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले में कथित लाभार्थियों, बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि यह मामला अभी जांचाधीन है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों तथा न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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