“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करण चौधरी सट्टा सिंडिकेट का हवाला कारोबारी आकाश पंसारी सक्ती से गिरफ्तार
रायगढ़ जिला पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और करोड़ों रुपये के अंतरराज्यीय हवाला नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे **”ऑपरेशन क्लीन हंट”** के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सत्ती में दबिश देकर करण चौधरी सिंडिकेट के मुख्य और फरार आरोपी आकाश पंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, और उसे थाना कोतवाली के दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
करण चौधरी गैंग की कुंडली खंगालने पर सामने आया नाम, सट्टे की रकम खपाने में था सक्रिय
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में कोतवाली थाने के अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 के मुख्य सरगना करण चौधरी गैंग के पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत वित्तीय जांच (Financial Analysis) की जा रही है। इस संगठित सिंडिकेट के डिजिटल ट्रेल और चैट रिकॉर्ड्स को खंगालने पर सक्ती निवासी आकाश पंसारी का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया था।
प्रारंभिक जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद से ही आरोपी आकाश पंसारी अंडरग्राउंड हो गया था। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक की टीम ने मुखबिर की सूचना और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सक्ती के ऑफिसर कॉलोनी में दबिश देकर आरोपी **आकाश पंसारी (32 वर्ष)** को घेराबंदी कर धरदबोचा। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह करण चौधरी के इशारे पर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट करने के साथ-साथ सट्टे से आने वाली काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए ‘हवाला नेटवर्क’ के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
26 अप्रैल को हुई थी पहली सर्जिकल स्ट्राइक, 6 सटोरियों की गिरफ्तारी से खुला था राज
इस बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ बीते **26 अप्रैल 2026** को हुआ था, जब साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर और घरघोड़ा के कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सोनू देवांगन, हर्षित देवांगन, भरत गोयल, गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता शामिल थे।
उस दौरान पुलिस ने सात मोबाइल और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए थे। पकड़े गए आरोपियों ने कड़ाई से हुई पूछताछ में कबूला था कि वे रायगढ़ के बड़े सट्टा खाईवाल करण चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर छत्तीसगढ़ से लेकर दिल्ली तक फैले एक व्यापक नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।
रायगढ़ से दिल्ली तक फैला था साम्राज्य, पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर के जरिए ब्लैक मनी होती थी व्हाइट
पुलिस की वित्तीय और तकनीकी जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सट्टे से रोजाना आने वाली करोड़ों रुपये की नकदी को सीधे बैंक खातों में जमा नहीं किया जाता था। जांच से बचने के लिए इस ब्लैक मनी को शहर के चुनिंदा पेट्रोल पंपों, मेडिकल स्टोरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के वैध कैश काउंटर के माध्यम से ‘कैश डंप’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। बाद में इसी रकम को दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में बैठे सट्टा आकाओं तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए संगठित हवाला चैनलों का उपयोग किया जाता था।
इस मनी लॉन्ड्रिंग और मूवमेंट नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए कृष्णा प्राइड टॉवर निवासी पुष्कर अग्रवाल और उनके पिता सुनील अग्रवाल मुख्य रूप से काम कर रहे थे। पुलिस ने पूर्व में ही करण चौधरी की निशानदेही पर कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित फ्लैट में छापा मारकर सुनील अग्रवाल के पास से **50 लाख रुपये नगद**, नोट गिनने की मशीन और पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से **52 लाख 60 हजार रुपये नगद** (कुल 1 करोड़ 2 लाख 60 हजार रुपये) बरामद किए थे। गिरफ्तार आकाश पंसारी इसी मनी ट्रेल का एक अहम हिस्सा था।
दूसरों के बैंक खातों का करते थे इस्तेमाल, आईफोन जब्त
जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए यह शातिर गैंग बेहद शातिराना तरीका अपनाता था। आरोपी सट्टेबाजी और हवाला के पैसे मंगाने के लिए अपने निजी बैंक खातों या खुद के नाम पर दर्ज डिजिटल वॉलेट (UPI) का उपयोग न करके, अपने अधीन काम करने वाले गरीब कर्मचारियों, परिचितों और सीधे-सादे ग्रामीणों के दस्तावेजों पर खुले खातों का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने शनिवार को पकड़े गए आरोपी आकाश पंसारी के पास से सट्टा और हवाला डीलिंग में प्रयुक्त एक कीमती आईफोन (कीमत लगभग 60 हजार रुपये) और एक वीवो मोबाइल फोन जब्त किया है।
काली कमाई को सफेद करने वाले हर चेहरे को करेंगे बेनकाब: एसएसपी
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के अपराधियों को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि यह महज सट्टेबाजी का सामान्य केस नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाला एक संगठित और गंभीर आर्थिक अपराध (Economic Crime) है।
एसएसपी ने साफ किया कि ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस की तकनीकी और फॉरेंसिक टीमें एक-एक यूपीआई ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ रही हैं। अवैध सट्टे से अर्जित काली कमाई को संरक्षण देने वाले या उसे विभिन्न व्यापारिक चैनलों के माध्यम से सफेद (व्हाइट) करने वाले किसी भी रसूखदार व्यक्ति या व्यवसायी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इस सिंडिकेट की आखिरी कड़ी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाती।



