एनएचएम में वित्तीय अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, डीपीएम और डीएएम की संविदा सेवा समाप्त

कोंडागांव। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत वित्तीय अनियमितता और नियमों की अनदेखी के मामले में राज्य कार्यालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) भावना महलवार और जिला लेखा प्रबंधक (डीएएम) शीतल कुमार तावकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। कार्रवाई वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान हुई खरीदी और निविदा प्रक्रियाओं की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

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जानकारी के अनुसार मामला विधानसभा में उठने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय के वित्त नियंत्रक की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने विभिन्न योजनाओं के तहत हुई खरीदी और निविदा प्रक्रियाओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य कार्यालय को सौंपी।

जांच रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक तथा जिला प्रशिक्षण समन्वयक (डीटीसी) द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के पालन में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई कार्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किए गए, जिसे वित्तीय गड़बड़ी माना गया।

विशेष रूप से ‘श्रृंगार दान (नई पहल किट)’ की खरीदी और वितरण प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। इसके अलावा भंडार शाखा में स्टॉक पंजी के संधारण, अभिलेखों के रखरखाव और भौतिक सत्यापन में भी गंभीर लापरवाही पाई गई।

राज्य कार्यालय ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मानव संसाधन नीति-2018 की कंडिका 34.3 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों की संविदा सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।

स्वास्थ्य विभाग में हुई इस कार्रवाई को कोंडागांव जिले में हाल के वर्षों की महत्वपूर्ण अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं जांच रिपोर्ट में उल्लेखित अन्य बिंदुओं और जिम्मेदार अधिकारियों के संबंध में भी आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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