धरमजयगढ़: भारतमाला सड़क निर्माण से बढ़ी किसानों की मुश्किलें, दो वर्षों से जलभराव और रास्ता बंद होने की शिकायत
कलेक्टर से लगाई गुहार, जल निकासी, मलबा हटाने और आवागमन बहाल करने की मांग
धरमजयगढ़। भारतमाला सड़क परियोजना के निर्माण कार्य से प्रभावित एक किसान ने जलभराव और आवागमन बाधित होने की समस्या को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। बायसी कॉलोनी निवासी लक्ष्मी मजूमदार ने कलेक्टर रायगढ़ को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने से पिछले दो वर्षों से उनके खेत में बरसात के समय पानी भर जाता है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
बरसात में खेत बन जाता है तालाब
आवेदन में किसान ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद बारिश का पानी खेत में जमा हो जाता है। जल निकासी के अभाव में पूरा खेत तालाब जैसी स्थिति में बदल जाता है, जिससे नियमित खेती करना संभव नहीं हो पा रहा है और हर वर्ष आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मलबा डालने से बढ़ी समस्या
किसान का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान खेत के एक हिस्से में मलबा और राखड़ डाल दिया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इसके अलावा खेत और मकान तक जाने वाला रास्ता भी बाधित हो गया है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
कई बार शिकायत, समाधान नहीं
आवेदक का कहना है कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए विभाग और निर्माण एजेंसी ने ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
कलेक्टर से की ये मांग
किसान ने कलेक्टर से मांग की है कि भारतमाला परियोजना से जुड़े अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देशित कर—
- खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए।
- खेत में डाला गया मलबा हटाया जाए।
- खेत और मकान तक पहुंचने का रास्ता बहाल किया जाए।
- आगामी कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन के निर्णय पर टिकी निगाहें
फिलहाल किसान की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर प्रभावित किसान को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।


